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भोपाल, Jun 04, 2026

बेटे से अलग बैरक में खामोश गिरिबाला सिंह, पीने का साफ पानी मांगा, जानें जेल में पहला दिन कैसे बीता?

giribala singh jail life: जेल में गिरिबाला सिंह ने पूरी तरह से शांत नजर आई। सुविधा के नाम पर उन्होंने सिर्फ पीने को साफ पानी मांगा, जानिए पूर्व जज और ट्विशा शर्मा मौत मामले में विचाराधीन कैदी नंबर 71 गिरिबाला ने जेल में कैसे बिताया पहला दिन?

giribala singh jail life bhopal central jail

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Giribala Singh Jail Life: ट्विशा शर्मा मौत के मामले (Twisha Sharma Death Case Udpate) में 14 दिन की हिरासत में भेजी गई पूर्व जज और सास गिरिबाला सिंह ने जहां मंगलवार की रात करवटें बदलकर बिताईं, वहीं कैदी नंबर 71 गिरिबाला का बुधवार को जेल में पहला दिन था। जानकारी मिल रही है कि इस दौरान वह बिल्कुल शांत नजर आई। सुविधाओं के नाम पर गिरिबाला ने किसी तरह की मांग नहीं की, लेकिन पीने के लिए साफ पानी जरूर मांगा। बता दें कि आज 4 जून गुरुवार को गिरीबाला का जेल में दूसरा दिन है। यहां जानें जेल में गिरिबाला का पहला दिन कैसे बीता ?

शांत माहौल में बीता गिरिबाला का पहला दिन(Giribala Singh Jail Life)

भोपाल सेंट्रल जेल (Bhopal Central Jail) अधिकारियों के मुताबिक कैदी नंबर 71 गिरिबाला का पहला दिन एकदम शांत माहौल में बीता। वे संयमित और सहयोगी भी दिखीं। मानसिक और शारीरिक रूप से भी उनकी स्थिति सामान्य पाई गई। बता दें कि जेल पहुंचने के बाद गिरिबाला की भी आम कैदी की तरह ही पहले मेडिकल जांच करवाई गई थी। इसके बाद विचाराधीन कैदियों के लिए निर्धारित बैरक में उन्हें रखा गया है।

नहीं मांगी कोई विशेष सुविधा (Giribala Singh Jail Life)

सूत्रों के मुताबिक गिरिबाला (Twisha Sharma Death Case Udpate) ने जेल में किसी भी तरह की विशेष सुविधा की मांग नहीं की है। हालांकि उन्होंने पीने के लिए साफ पानी जरूर मांगा।

मुख्य आरोपी और बेटे समर्थ से दूर है गिरिबाला

बता दें कि मंगलवार 2 जून को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजी गई सास गिरिबाला सिंह के साथ ही ट्विशा शर्मा मौत के मामले में मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह भी न्यायिक हिरासत में है। विचाराधीन कैदियों के लिए बनी बैरक में उसे रखा गया है।

मेडिकल जांच के बाद वह भी कैदी नंबर 1782 है। मामले की संवेदनशीलता (Twisha Sharma Death Case Udpate) और सुरक्षा के मद्देनजर गिरिबाला सिंह को समर्थ सिंह से अलग महिला बैरक में रखा गया है। एक ही आरोप में विचाराधीन कैदी होने के बावजूद दोनों को अलग-अलग बैरकों की व्यवस्था की गई है।

गिरिबाला को न तनाव न बेचैनी, शांत रह रही गिरिबाला

जेल अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक गिरिबाला सिंह ने अब तक जेल में रहते हुए किसी भी प्रकार की बेचैनी और तनाव की शिकायत नहीं की (Giribala Singh Jail Life) है। उनका कहना है कि गिरिबाला सिंह सामान्य प्रक्रिया में पूरा सहयोग करती नजर आईं। हां लेकिन ज्यादातर समय वे बिल्कुल शांत रहकर बीता रही हैं।

जेल प्रशासन कर रहा निगरानी

हालांकि जेल प्रशासन का यह भी कहना है कि गिरिबाला और समर्थ सिंह की हर सामान्य गतिविधि (Giribala Singh Jail Life) पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। वह सख्त निगरानी में हैं।

गिरिबाला को जेल में मिली एक कटोरी, एक चादर और एक शॉल

सामान्य विचाराधीन कैदियों की तरह ही जेल में पहुंचते ही गिरिबाला को जेल में (Giribala Singh Jail Life) एक कटोरी, एक गिलास, एक थाली, एक चादर के साथ ही एक शॉल और एक चटाई भी दी गई है। इसके अलावा निजी जरूरतों के लिे सीमित सामान। इसके साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि गिरिबाला जेल में पका हुआ सामान्य खाना ही खा रही (Twisha Sharma Death Case Udpate) हैं।

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