
भिलाई। बस्तर संभाग को नक्सलवाद से मुक्त कर युवाओं को नई दिशा देने के उद्देश्य से दंतेवाड़ा में ट्राइबल रिसर्च एंड इनोवेशन पार्क (ट्रिप) स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में आईआईटी भिलाई और दंतेवाड़ा जिला प्रशासन संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। केंद्र का लक्ष्य नक्सल प्रभाव से लौटे अथवा सामान्य जीवन में आगे बढऩे के इच्छुक युवाओं और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार व स्वरोजगार से जोडऩा है।
आईआईटी भिलाई और जिला प्रशासन के बीच हुए एमओयू के तहत दोनों पक्ष दो-दो करोड़ रुपए का योगदान देंगे। प्रारंभिक चरण में चार करोड़ रुपए से केंद्र की स्थापना की जाएगी। दंतेवाड़ा में भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी कर सेटअप की अनुमति भी दे दी गई है।
कौशल आधारित प्रशिक्षण पर जोर
पहले चरण में पढ़ाई छोड़ चुके या अनुभवहीन युवाओं की पहचान कर उन्हें बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद खनन, मशीन संचालन व मरम्मत, सुरक्षा मानक, सौर ऊर्जा संयंत्र, कंप्यूटर संचालन, कृषि एवं वनोपज प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण संचालित होगा। महिलाओं के लिए सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और समूह आधारित लघु उद्यम प्रशिक्षण भी शामिल रहेगा। पाठ्यक्रम इस प्रकार तैयार किए जाएंगे कि प्रशिक्षण सीधे रोजगार से जुड़ा हो। क्षेत्र में कार्यरत एनएमडीसी जैसी कंपनियों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार कर उन्हें रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
बस्तर उत्पादों को मिलेगा बाजार
केंद्र केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा। वनोपज के मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग और विपणन की व्यवस्था की जाएगी। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं, सौर ऊर्जा आधारित सुविधाएं और किसानों के लिए चलित शीत भंडारण जैसी योजनाओं पर भी कार्य होगा, ताकि दूरस्थ गांवों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
इस केंद्र के जरिए युवा अपने क्षेत्र में ही सम्मानजनक रोजगार पाएंगे, तभी बस्तर में स्थायी शांति और विकास संभव होगा। दंतेवाड़ा में स्थापित होने वाला यह केंद्र उसी दिशा में एक ठोस और जमीन से जुड़ा कदम है।
डॉ. राजीव प्रकाश, डायरेक्टर, आईआईटी भिलाई
Published on:
11 Feb 2026 11:56 pm
