
बैतूल। समाज सेवा सही मायने में क्या होती है, इसकी जीवंत मिसाल अंकुरित आहार परिवार है। यह परिवार बीते 27 वर्षों से जिला अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की निस्वार्थ सेवा में जुटा हुआ है। हर दिन सुबह के समय जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों को पौष्टिक आहार वितरित करते हैं। रोजाना करीब 1000 दोने लोगों को अंकुरित आहार उपलब्ध कराया जाता है, जिससे दूर-दराज के गांवों से इलाज के लिए आए जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलती है।
संस्था के अध्यक्ष जयंतीलाल गोठी ने बताया कि 1 जनवरी 1999 से प्रारंभ हुई यह सेवा आज भी पूरी लगन के साथ निरंतर जारी है। अंकुरित आहार परिवार के माध्यम से वर्तमान में लगभग 35 लोग सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस सेवा की शुरुआत एक मानवीय सोच के साथ की गई थी। कई बार देखा गया कि गांवों से आकर जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों और उनके परिजनों के पास सुबह के समय नाश्ते तक के लिए पैसे नहीं होते हैं। इसी पीड़ा को समझते हुए करीब 27 वर्ष पहले यह सेवा शुरू की गई है। निस्वार्थ भाव, समर्पण और सेवा की भावना के कारण अंकुरित आहार परिवार की सेवा एक मिसाल बन गई है।
हर दिन बनता है 20 किलो आहार
परिवार से जुड़े जगदीश श्रीवास्तव उन्होंने बताया कि प्रतिदिन लगभग 20 से 22 किलो अंकुरित आहार तैयार किया जाता है, जिसमें चना, मूंग सहित अन्य दालों को अंकुरित कर पौष्टिक रूप में वितरित किया जाता है। इसके साथ ही समय-समय पर पोहा और खिचड़ी भी बनाई जाती है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को विविध और संतुलित आहार मिल सके।
जन्मदिन-पुण्यतिथि पर लोग करते हैं सहयोग
इस सेवा को निरंतर बनाए रखने में समाज का भी विशेष योगदान है। पुण्यतिथि, जन्मदिन और वर्षगांठ जैसे अवसरों पर लोग संस्था को सहयोग राशि प्रदान करते हैं, जिससे यह सेवा लगातार संचालित हो रही है। संस्था से नीलम दुबे, रिटायर्ड प्राध्यापक पुष्पारानी आर्य,केके वर्मा, धनराज पगारिया, चंद्रप्रकाश भाटिया, अशोक सायरे सहित अनेक समाजसेवी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
Updated on:
31 Dec 2025 09:15 pm
Published on:
31 Dec 2025 09:14 pm
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