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चकाचक होंगी एमपी के इस जिले की सड़कें, सरपट दौड़ेंगी गाड़ियां

mp news: जिले की 27 सड़कों के निर्माण और सुधार की विस्तृत कार्ययोजना बनाकर पीएडब्ल्यूडी ने भोपाल भेजी।

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mp news: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की जर्जर और खराब सड़कें जल्द ही चकाचक हो सकती हैं और इन पर फिर से गाड़ियां सरपट दौड़ सकती हैं। दरअसल जिले की लंबे समय से जर्जर और खराब हैं और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने जिले की 27 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण और उन्नयन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर वरिष्ठ कार्यालय भोपाल भेज दी है। इन्हें वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल किया जा सकता है। इन सड़कों के निर्माण और सुधार पर करीब 5 से 10 अरब रुपए खर्च होने का अनुमान है।

सड़कों के कायाकल्प से आसान होगा सफर

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार जिले की जिन खराब और जर्जर 27 सड़कों की कार्ययोजना बनाकर भोपाल भेजी गई है उनके प्रस्ताव पूर्व में भी भेजे गए थे, लेकिन बजट में शामिल न होने के कारण स्वीकृति नहीं मिल सकी थी। इस बार जिले की आवश्यकताओं को देखते हुए इन्हें प्राथमिकता सूची में रखा गया है। यदि बजट में मंजूरी मिल जाती है तो आने वाले समय में जिले की सड़कों का कायाकल्प होगा और आम जनता को बेहतर, सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

इन सड़कों को किया गया शामिल

पीडब्ल्यूडी द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में जिन 27 सड़कों के निर्माण और उन्नयन की कार्ययोजना भेजी गई है उनमें सोनाघाटी से मिलानपुर मार्ग, बैतूल रिंग रोड, धारनमऊ- खापा-झापड़ी एप्रोच मार्ग, खपरिया से परसदा, भयावाड़ी से मोखामाल खेड़ापति मंदिर मार्ग, बुढढ़ी जिलेरी से भयावाड़ी, धारनी से सेमझिरा, आष्टा से अमरावती, शेरगढ़ से सलाईढाणा, मोही से पिसाटा, बरई से खतेड़ा, वडाली चारघाटी चिचपाटी, आमला बस्ती मार्ग, झगडिय़ा-माथनी-चांदबेहड़ा, बांसपुर से शांतिपुर, भांडवा से गोहटी, झल्लार-आमला-बरहापुर, भैंसदेही तथा बैतूल-खंडारा- आमला-बोरदेही-मोरखा-रिधोरा चिखली मार्ग जैसे प्रमुख रास्ते शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की मुख्य बाजारों, तहसील मुख्यालयों और जिला मुख्यालय से सीधी और सुगम कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, वहीं व्यापार और रोजगार गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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