
बरेली। सदर तहसील का उप निबंधक कार्यालय प्रथम-द्वितीय और बाहर दस्तावेज लेखकों के काउंटर सोमवार को खरीदारों-विक्रेताओं की भीड़ से पटे रहे। वजह बनी यूडीआई (यूनिक डिवाइस आइडेंटिफिकेशन) वेबसाइट की तकनीकी अड़चन। आधार सत्यापन के लिए ओटीपी न आने से सुबह 10 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक एक भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई।
आधार सत्यापन न होने से पंजीकरण आवेदन सबमिट नहीं हो रहे थे। लोग तय समय पर दस्तावेज लेकर पहुंचे, लेकिन सिस्टम बार-बार अटकता रहा। नतीजा—चार घंटे तक रजिस्ट्री का काम पूरी तरह ठप रहा और तहसील परिसर में इंतजार करती भीड़ बढ़ती चली गई।
कानपुर के सहायक महानिरीक्षक निबंधक (एआईजी-स्टांप) राजेश वर्मा को भी अपनी बहन बीना सिंह की रजिस्ट्री के लिए आधार सत्यापन में लंबा इंतजार करना पड़ा। गोविंदापुर निवासी पूर्व प्रधान फैय्याज खां और उनकी चाची भी दोपहर तक ओटीपी का इंतजार करते रहे। कई अन्य क्रेता-विक्रेता इसी तरह परेशान दिखे।
दस्तावेज लेखक कल्याणकारी समिति सदर के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल मिश्र ने बताया कि यूडीआई वेबसाइट की समस्या प्रदेश के अन्य जिलों में भी थी। तकनीकी खामी के कारण पंजीकरण नहीं हो पा रहा था। सचिव अतुल सक्सेना ने कहा कि दोपहर ढाई बजे तक एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी, जिससे भीड़ बढ़ती गई।
कातिब मुखबिर सिंह ने बताया कि उनके काउंटर से कई क्रेता-विक्रेता लंबा इंतजार कर वापस लौट गए। भोजीपुरा के तुलसीपुर निवासी महेंद्र अपनी पत्नी मुन्नी देवी, भाभी कल्पना देवी और सुमन के साथ रजिस्ट्री कराने पहुंचे थे, लेकिन ढाई बजे तक भी काम नहीं हुआ। इंद्रानगर के इंद्र मोहन सक्सेना सुबह 10 बजे से अपने प्लाट की रजिस्ट्री के लिए पीयूष मिश्र के साथ बैठे रहे। साइट चालू होने के बाद शाम को जाकर उनकी रजिस्ट्री पूरी हो सकी।
दोपहर बाद यूडीआई साइट ने काम करना शुरू किया तो रजिस्ट्री की प्रक्रिया धीरे-धीरे पटरी पर आई। एआईजी-स्टांप तेज सिंह यादव ने कहा कि सुबह कुछ देर आधार सत्यापन में दिक्कत आई थी, लेकिन बाद में समस्या समाप्त हो गई। फिलहाल, तकनीकी बाधा ने एक दिन के लिए संपत्ति पंजीकरण की रफ्तार रोक दी और तहसील में पहुंचे सैकड़ों लोगों को लंबे इंतजार की कसौटी पर खड़ा कर दिया।
Published on:
16 Feb 2026 06:55 pm
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