
डीआईजी अजय कुमार साहनी
बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद बरेली मंडल में होने वाली उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा को पूरी तरह नकल विहीन, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन और पुलिस ने कमर कस ली है। 14 और 15 मार्च को आयोजित होने वाली इस परीक्षा में बरेली समेत चार जिलों के 53 केंद्रों पर 73,920 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को लेकर बरेली रेंज के डीआईजी अजय साहनी ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी, अव्यवस्था या अवैध गतिविधि किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साल्वरों पर पुलिस की सीधी नजर रहेगी। साल्वर पकड़े जाने पर सीधे एफआईआर होगी और उन्हें जेल भेजा जायेगा। डीआईजी अजय साहनी ने कहा कि उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर हर केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के आसपास संवेदनशील इलाकों की पहले से पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। डीआईजी ने कहा कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के आवागमन में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। इसके लिए रेलवे और रोडवेज अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों के ठहरने की व्यवस्था और सुरक्षा का भी आकलन करने को कहा गया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से आयोजित इस परीक्षा में बरेली मंडल के चार जिलों—बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में कुल 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
इसमें बरेली: 19 केंद्र, 32,640 अभ्यर्थी
शाहजहांपुर: 13 केंद्र, 18,240 अभ्यर्थी
बदायूं: 15 केंद्र, 17,280 अभ्यर्थी
पीलीभीत: 6 केंद्र, 5,760 अभ्यर्थी
बरेली जिले में 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां दो दिनों में 32,640 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दो पालियों में होगी—पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। प्रत्येक पाली में 8,160 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे और एक केंद्र पर लगभग 480 परीक्षार्थियों की व्यवस्था की गई है। परीक्षा की निगरानी के लिए 950 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा 450 पुलिसकर्मियों के साथ 836 शिक्षक और कर्मचारी परीक्षा संचालन में लगाए गए हैं।
परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी निगरानी को भी मजबूत किया गया है। सभी परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक एंट्री सिस्टम लागू किया गया है, जिससे अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। केंद्रों के प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर से जांच होगी और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन या स्मार्ट डिवाइस पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। हर परीक्षा केंद्र पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जबकि जिला स्तर पर पुलिस लाइन और ट्रेजरी में बने स्ट्रांग रूम में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इसके अलावा एलआईयू (स्थानीय खुफिया इकाई) और साइबर टीम सोशल मीडिया की निगरानी करेगी ताकि पेपर लीक या अफवाह जैसी गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
परीक्षा में बड़ी संख्या में बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों को देखते हुए प्रशासन ने होटल और लॉज संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। यदि किसी होटल में अधिक वसूली या अभ्यर्थियों से अनुचित व्यवहार की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही रेलवे और रोडवेज अधिकारियों से समन्वय कर परीक्षा के दिनों में अभ्यर्थियों के आवागमन को सुचारु रखने की व्यवस्था की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत हर परीक्षा केंद्र की निगरानी एक क्षेत्राधिकारी (सीओ) और संबंधित थाना प्रभारी करेंगे। दो केंद्रों पर एक सीओ को जिम्मेदारी दी गई है। केंद्र के बाहर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, जिसमें इंस्पेक्टर, महिला कांस्टेबल और अन्य पुलिसकर्मी शामिल होंगे।
Published on:
13 Mar 2026 06:00 am
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