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सीएम ग्रिड: सोबती इंफ्राटेक को नगर निगम बरेली ने दी क्लीन चिट, सीतापुर पीडब्ल्यूडी को भेजी रिपोर्ट

बरेली। सीएम ग्रिड योजना में कार्य अनुभव को लेकर सोबती इंफ्राटेक लिमिटेड पर लगाए गए आरोप जांच में पूरी तरह निराधार और भ्रामक पाए गए हैं। नगर निगम बरेली ने विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी सीतापुर को भेजते हुए साफ कर दिया है कि सोबती इंफ्राटेक ने सीएम ग्रिड योजना के किसी भी चरण में कोई कार्य नहीं कराया, और न ही उसने ऐसा कोई अनुभव दर्शाया है।

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बरेली। सीएम ग्रिड योजना में कार्य अनुभव को लेकर सोबती इंफ्राटेक लिमिटेड पर लगाए गए आरोप जांच में पूरी तरह निराधार और भ्रामक पाए गए हैं। नगर निगम बरेली ने विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी सीतापुर को भेजते हुए साफ कर दिया है कि सोबती इंफ्राटेक ने सीएम ग्रिड योजना के किसी भी चरण में कोई कार्य नहीं कराया, और न ही उसने ऐसा कोई अनुभव दर्शाया है।

पीडब्ल्यूडी सीतापुर को एक फर्म द्वारा सोबती इंफ्राटेक के खिलाफ शिकायत भेजी गई थी, जिसमें सीएम ग्रिड के कथित अनुभव को लेकर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने नगर निगम बरेली से आख्या मांगी। जांच के दौरान रिकॉर्ड, अनुबंध विवरण और कार्य आवंटन से जुड़े सभी बिंदुओं का परीक्षण किया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि शिकायत करने वाली फर्म ने भ्रामक तथ्यों के आधार पर आरोप लगाए, जो जांच में झूठे और बेबुनियाद साबित हुए।

तथ्यों की जांच में हवा में उड़ गए आरोप

नगर निगम की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बरेली में सीएम ग्रिड योजना के प्रथम चरण का ठेका किसी अन्य फर्म के पास है, और सोबती इंफ्राटेक का उससे कोई सरोकार नहीं रहा। इस प्रकार, सीएम ग्रिड से जुड़ा कोई भी कार्य अनुभव सोबती इंफ्राटेक द्वारा प्रस्तुत करने का प्रश्न ही नहीं उठता। जांच प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता फर्म मैसर्स राज कंपनी एंड सप्लायर के दावों, निविदा दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड का मिलान किया गया। सभी स्तरों पर परीक्षण के बाद यह निष्कर्ष सामने आया कि शिकायत तथ्यहीन थी और इससे निविदा प्रक्रिया को भ्रमित करने का प्रयास किया गया।

सीतापुर पीडब्ल्यूडी लेगी निर्णय, खोली जाएंगी टेक्निकल और प्राइस विड

नगर निगम बरेली के एक्सईएन राजीव सिंह राठी ने बताया कि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पीडब्ल्यूडी सीतापुर द्वारा मांगी गई समस्त सूचनाएं समयबद्ध और प्रमाण सहित उपलब्ध करा दी गई हैं। रिपोर्ट भेजे जाने के साथ ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। अब पीडब्ल्यूडी सीतापुर द्वारा नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। टेंडर प्रक्रिया में झूठी शिकायत औचित्यहीन हो गई है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी सीतापुर ही टेक्निकल और प्राइस विड को लेकर अपना निष्पक्ष और पारदर्शी निर्णय लेगी।

हमने कोई गलत प्रमाण पत्र नहीं लगाया और हमें इसकी जरूरत नहीं

सोबती इंफ्राटेक लिमिटेड के जीएम टेक्निकल जगबीर सिंह कालरा ने बताया कि सीतापुर में शेखनापुर-लालपुर मार्ग की 14.450 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के लिये हमारी फर्म ने टेंडर डाला है। उसकी अनुमानित लागत लगभग 30.57 करोड़ है। हमारी फर्म ने सीएम ग्रिड योजना से जुड़े ऐसे कोई अनुभव दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए हैं, जो हमें कभी आवंटित ही नहीं हुए थे। जांच में बरेली नगर निगम से पत्राचार के बाद सक्षम प्राधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि सोबती इंफ्राटेक ने सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत कोई कार्य नहीं कराया। हमारे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप जांच में असत्य, निराधार और बेबुनियाद पाए गए हैं।