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बाहर पुलिस का पहरा, अंदर निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट… बरेली में सत्ता बनाम अफसर की खुली जंग, जानें अब क्या होगा

मंगलवार को दिनभर चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद शाम होते-होते एडीएम कंपाउंड को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। मुख्य गेट पर पुलिस और पीएसी का अभेद्य घेरा है, गेट पूरी तरह बंद कर दिया गया है। बाहर बंदूकधारी जवान, अंदर निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री हैं, हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

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एडीएम कंपाउंड के बंद गेट पर लगा पुलिस का पहरा

बरेली। सिटी मजिस्ट्रेट प्रकरण अब सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं रह गया है, बल्कि यह खुला टकराव और सियासी–सामाजिक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। मंगलवार को दिनभर चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद शाम होते-होते एडीएम कंपाउंड को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। मुख्य गेट पर पुलिस और पीएसी का अभेद्य घेरा है, गेट पूरी तरह बंद कर दिया गया है। बाहर बंदूकधारी जवान, अंदर निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री हैं, हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

एडीएम कंपाउंड सील, हर गतिविधि पर नजर

मंगलवार शाम एडीएम कंपाउंड स्थित अलंकार अग्निहोत्री के सरकारी आवास के बाहर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई। कंपाउंड के मुख्य गेट को पूरी तरह कब्जे में लेते हुए किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। पूरे इलाके में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। पुलिस का साफ कहना है कि यह कार्रवाई ऊपर से मिले आदेश के तहत की गई है। हालात ऐसे हैं मानो किसी बड़े टकराव की आशंका पहले से ही भांप ली गई हो।

डीएम से मिलने पहुंचे, गेट बंद, जमीन पर बैठकर धरना

सुबह करीब 11 बजे अलंकार अग्निहोत्री डीएम अविनाश सिंह से मिलने कलक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन गेट बंद मिला। इसके बाद उन्होंने समर्थकों के साथ वहीं जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। एक घंटे तक वह गेट पर बैठे रहे। बाद में उन्हें कलक्ट्रेट सभागार में जाने दिया गया, जहां मीडिया को बाहर कर दिया गया। करीब 11:58 बजे अलंकार अग्निहोत्री डीएम चेंबर के सामने पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन चला, लेकिन डीएम से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद दोपहर 1:30 बजे वह नाराज होकर सरकारी आवास लौट गए।

शाम को फिर शक्ति प्रदर्शन

दोपहर बाद करीब 3:30 बजे अलंकार अग्निहोत्री एक बार फिर समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। इस बार भी डीएम मौजूद नहीं मिले। इस पर डीएम चेंबर के बाहर बरामदे में जोरदार नारेबाजी हुई। अलंकार अग्निहोत्री ने सीधे-सीधे आरोप लगाया कि उनके खिलाफ सुनियोजित साजिश रची गई है। उन्होंने कहा कि जब वह इस्तीफे पर अडिग रहे और दबाव में नहीं आए, तो रातों-रात निलंबन आदेश जारी कर दिया गया। उन्होंने डीएम आवास में बंधक बनाए जाने का आरोप भी दोहराया, जिसे जिला प्रशासन सिरे से खारिज करता रहा।

कोर्ट से सड़क तक लड़ाई का ऐलान

निलंबित पीसीएस अधिकारी ने साफ कर दिया है कि वह इस लड़ाई को यहीं नहीं रोकेंगे। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वह निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव में की गई है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सोमवार रात लखनऊ से आए एक फोन कॉल पर उनके खिलाफ जातिगत टिप्पणी की गई। उन्होंने डीएम से उस व्यक्ति का नाम सार्वजनिक करने की मांग की और कहा कि पूरा देश सच्चाई देखेगा।

दामोदर स्वरूप पार्क में आंदोलन की तैयारी

इधर अलंकार अग्निहोत्री के समर्थन में दामोदर स्वरूप पार्क में सवर्ण समाज और हिंदू संगठनों का जमावड़ा शुरू हो गया है। टेंट लगाकर बेमियादी धरने की तैयारी की जा रही है। यूजीसी कानून का विरोध और शंकराचार्य के कथित अपमान को आंदोलन का मुख्य मुद्दा बनाया गया है। हिंदू संगठन के नेता पंकज पाठक ने आरोप लगाया कि यूजीसी कानून की आड़ में हिंदू समाज को तोड़ने की साजिश हो रही है। कलक्ट्रेट, एडीएम कंपाउंड और दामोदर स्वरूप पार्क—हर जगह तनाव, नारेबाजी और पुलिस की सख्त मौजूदगी देखने को मिली। मामला हर घंटे और ज्यादा विस्फोटक होता गया।

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