
निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट को समझाते अफसर
बरेली। निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री और प्रशासन के बीच दूसरे दिन भी बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहे धरने के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें मनाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। हालात को देखते हुए पुलिस ने एडीएम कंपाउंड में डेरा डाल दिया है।
मंगलवार दोपहर एडीएम ई पूर्णिमा सिंह, एडीएम सिटी सौरव दुबे, एडीएम जे देश दीपक सिंह, एसडीएम सदर प्रमोद कुमार और एसपी देहात धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही और भरोसा दिलाया कि उनकी बात उच्च स्तर तक रखी जाएगी।
बातचीत के दौरान अलंकार अग्निहोत्री अपनी मांग पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि जब तक जिलाधिकारी स्वयं आकर यह स्पष्ट नहीं करेंगे कि फोन पर आपत्तिजनक शब्द किसके लिए कहे गए थे, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। वार्ता के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब अलंकार अग्निहोत्री ने अधिकारियों से सवाल किया, क्या आप मुझे अरेस्ट करने आए हैं? इस पर मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की।
अलंकार अग्निहोत्री का आरोप है कि इस्तीफा देने के बाद उन्हें बातचीत के बहाने डीएम आवास बुलाया गया, जहां उन्हें बंधक बना लिया गया। उनका दावा है कि लखनऊ से डीएम अविनाश सिंह के पास किसी का फोन आया था, जिसमें उनके लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया और उन्हें रोककर रखने के निर्देश दिए गए। बंधक बनाने के आरोपों पर जिलाधिकारी ने सिरे से इनकार किया है। प्रशासन का कहना है कि बातचीत पूरी तरह स्वैच्छिक थी और किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया।
देर शाम एसपी ग्रामीण मुकेश चंद मिश्रा भी एडीएम कंपाउंड स्थित आवास पर पहुंचे और अलंकार अग्निहोत्री से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन देर रात तक किसी नतीजे पर सहमति नहीं बन सकी। वहीं धरना स्थल पर विभिन्न संगठनों के समर्थन और बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया। एहतियातन एडीएम कंपाउंड में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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Updated on:
27 Jan 2026 07:53 pm
Published on:
27 Jan 2026 07:52 pm
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