
बरेली। रंगों के त्योहार पर इस बार बरेली रेंज में खाकी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। होली को लेकर किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को पहले ही कुचलने के लिए पुलिस ने सुरक्षा का ऐसा घेरा बुना है, जिसमें शरारत की गुंजाइश नाम मात्र की रहे। 9568 होलिका दहन स्थल, 123 छोटे-बड़े जुलूस और 11 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों तैनाती की गई है।
डीआईजी रेंज अजय कुमार साहनी ने बताया कि बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में कुल 9568 स्थानों पर होलिका दहन होगा। बरेली में सबसे ज्यादा 3041, बदायूं में 2275, पीलीभीत में 1397 और शाहजहांपुर में 2855 स्थल चिन्हित किए गए हैं। हर स्थल पर पुलिस की ड्यूटी तय कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है ताकि छोटी सी चिंगारी भी बड़े विवाद में न बदल सके।
होली पर कुल 123 जुलूस निकलेंगे। बरेली में 80, बदायूं में 15, पीलीभीत में 10 और शाहजहांपुर में 18 जुलूस प्रस्तावित हैं। बरेली में रामबारात शोभायात्रा 2 व 3 मार्च को किला और प्रेमनगर क्षेत्र से निकलकर कोतवाली और बारादरी के मिश्रित आबादी वाले इलाकों से गुजरेगी। करीब 7 से 8 किलोमीटर लंबे इस रूट पर पुलिस की खास नजर रहेगी। शाहजहांपुर में बड़े और छोटे लाट साहब के जुलूस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माने जाते हैं। बड़े जुलूस के 8 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 30 मस्जिद, मजार और कब्रिस्तान पड़ते हैं, जबकि छोटे जुलूस के 3.5 किलोमीटर रूट पर 8 मस्जिदें और 2 मजारें आती हैं। ऐसे में हर मोड़ पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
पूरे परिक्षेत्र को 8 सुपर जोन, 41 जोन, 145 सेक्टर और 350 सब सेक्टर में बांटकर सुरक्षा का पूरा ढांचा खड़ा कर दिया गया है। जवाबदेही तय की गई है—किस इलाके की जिम्मेदारी किस अधिकारी के पास होगी, यह पहले ही स्पष्ट कर दिया गया है। किसी तरह की ढिलाई पर सीधी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। होली पर 11,444 पुलिसकर्मी मैदान में उतरेंगे। 10 एसपी, 30 सीओ, 92 थाना प्रभारी, 1800 से ज्यादा उपनिरीक्षक, करीब 7500 सिपाही और हेड कांस्टेबल, साथ ही 1700 से ज्यादा महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा 14 कंपनियां पीएसी और आरएएफ की भी लगाई गई हैं। फ्लैग मार्च और एरिया डोमिनेशन के जरिए संदेश साफ है कि अराजकता की कोई जगह नहीं है।
जुलूस मार्गों पर ड्रोन से निगरानी होगी। छतों और रास्तों पर जमा ईंट-पत्थर पहले ही हटवाए जा रहे हैं। सभी प्रमुख रूटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मी बॉडीवार्न कैमरे के साथ तैनात रहेंगे। यूपी-112 को पिछले वर्षों में जहां से ज्यादा शिकायतें मिली थीं, उन इलाकों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। पिछले 10 साल में होली पर दर्ज मुकदमों में नामजद आरोपियों और उपद्रवी तत्वों की सूची तैयार कर ली गई है। ऐसे लोगों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर निरोधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है।
डीआईजी अजय कुमार साहनी का साफ संदेश है कि होली भाईचारे और उल्लास का पर्व है। लेकिन अगर कोई माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। इस बार खाकी सिर्फ मौजूद नहीं है, बल्कि हर मोर्चे पर तैयार है, ताकि रंगों का यह त्योहार शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हो सके।
Published on:
28 Feb 2026 05:04 pm
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