
Aaj Ka Panchang 8 Feb 2026
Aaj Ka Panchang 8 Feb 2026 : रविवार, 8 फरवरी 2026 को विक्रम संवत् 2082 के सिद्धार्थ संवत्सर में फाल्गुन कृष्ण पक्ष की सप्तमी-अष्टमी तिथि रहेगी। चंद्रमा समूचे दिन तुला राशि में गोचर करेगा, जबकि स्वाती नक्षत्र रात्रि 5:03 तक और उसके बाद विशाखा। आज चर, लाभ, अमृत और शुभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए बेहतरीन हैं, लेकिन राहु काल (4:30-6:00) और पश्चिम दिशा शूल से सावधान रहें। जन्मे बच्चों की राशि तुला होगी – नामाक्षर रू, रे, रो, ता, ती। विस्तृत पंचांग, उपाय और साप्ताहिक व्रत-त्योहार यहां पढ़ें।
आज दिन में चर का चौघड़िया 8.35 से 9.57 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9.57 से 12.41 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 2.03 से 3.25 तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
दिशा शूल - आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय -यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व शुद्ध घी अथवा शिखरन या खीर खाकर, जल से भरे कलश का शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।
आज का राहु काल - (मध्यमान से) दिन 4.30 से 6.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो मिष्ठान्न का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – सप्तमी तिथि अंतरात्रि 5.02 तक होगी तदुपरान्त अष्ठमी तिथि होगी ।
नक्षत्र – स्वाती नक्षत्र अंतरात्रि 5.03 तक होगा तदुपरान्त विशाखा नक्षत्र होगा ।
योग – गंड योग रात्रि 12.08 तक रहेगा तदुपरान्त वृद्धि योग रहेगा ।
करण – विष्टि करण दिन 3.58 तक रहेगा तदुपरान्त बव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – रवियोग अंतरात्रि 5-03 तक,
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा दिन 3-58 तक, श्री नाथ जी पाटोत्सव नाथद्वारा (राज.),
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि तुला राशि में होगा ।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – बुध उदय पश्चिम में रात्रि 6-17 पर,
| दिनांक | दिन | मुख्य पर्व / व्रत / योग / विशेष विवरण |
|---|---|---|
| 9.2.2026 | सोमवार | कालाष्टमी, जानकी जयंती, यमघंट योग (सूर्योदय से संपूर्ण दिन-रात्रि) |
| 10.2.2026 | मंगलवार | अष्टमी तिथि वृद्धि, विवाह मुहूर्त (अनुराधा नक्षत्र) |
| 11.2.2026 | बुधवार | भद्रा (रात्रि 11:11 से), शुक्र का शतभिषा प्रवेश (8:52), श्री रामदास जयंती, गंडमूल (10:53 से), सर्वार्थसिद्धि व अमृत सिद्धि योग (10:53 तक) |
| 12.2.2026 | गुरुवार | भद्रा (12:23 तक), फाल्गुन संक्रांति, सूर्य कुंभ प्रवेश (4:09 रात्रि), महर्षि दयानंद जयंती, ज्ञान-ज्योति पर्व, पं. दीनदयाल उपाध्याय पुण्यतिथि, गंडमूल पूर्ण दिवस |
| 13.2.2026 | शुक्रवार | विजया एकादशी व्रत, फाल्गुन संक्रांति पुण्यकाल, विश्व रेडियो दिवस, गंडमूल (4:13 तक), कुमारयोग (2:26 तक), राजयोग (4:13 से) |
| 14.2.2026 | शनिवार | मंगल का धनिष्ठा प्रवेश (12:38 रात्रि), शनि प्रदोष व्रत, द्वितीय शनिवार, सेंट वैलेंटाइन डे |
| 15.2.2026 | रविवार | भद्रा (5:05 सायं से 5:20 रात्रि), बुध का पूर्वा भाद्रपद प्रवेश (9:42), महाशिवरात्रि व्रत, व्यतिपात पुण्य, वैद्यनाथ जयंती, चतर्दश ज्योतिर्लिंग पूजा, सर्वार्थ सिद्धि योग (7:48 तक) |
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि तुला होगी ।
आज अंतरात्रि 5.03 तक जन्म लेने वाले बच्चों का स्वाती नक्षत्र होगा तदुपरान्त विशाखा नक्षत्र होगा ।
आज अंतरात्रि 5.03 तक जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा तदुपरान्त ताम्र पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर रू, रे, रो, ता, ती पर रखे जा सकते हैं।
तुला राशि का स्वामी शुक्र होता हैं। यह सौम्य व भावुक होते हैं। इन्हें देश-विदेश घूमने का शौक होता है, किसी के अधीनस्थ रह कर कार्य करना पसंद करते हैं। यह एक स्थान पर टिक कर नहीं रहते। ये सुंदरता पसंद होते हैं और कलात्मक होते हैं। इनका स्वभाव आकर्षक होता हैं। ये न्यायशील, बुद्धिमान, तर्कशील एवं सर्तक रहने वाला होते हैं। जातक को देश-विदेशों में अनेक स्थानों पर भृमण करने के अवसर प्राप्त होते हैं। जातक बुद्धिमान, तर्कशील, साबधान एवं सर्तक रहने वाला, मध्यस्थता एवं न्याय करने में कुशल, विपरीत योनि के प्रति झुकाव रखता हैं। इनको हीरा अथवा श्वेत कपड़े पसंद होते हैं।
स्वाती नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति स्वतंत्र स्वभाव के होते हैं. इन्हें आदेशों की पलना करना अच्छा नहीं लगता है. ये स्वभाव से बहुत ही स्वाभिमानी और उच्च विचार धारा के व्यक्ति होते हैं. ये अपने कार्यों को पूरे मनोयोग, मेहनत और इमानदारी के साथ करते है. ये अछे न्यायिक अधिकारी, सैन्य अधिकारी हो सकते हैं. ये जातक ईमानदार, विनम्र, न्यायप्रिय, बुद्धिमान, अन्तर्ज्ञानयुक्त, मधुर व्यवहार युक्त, सहानुभूतिप्रद, व्यापारिक चतुराई, मधु-भाषी, समायोजन प्रिय होते हैं।
विशाखा नक्षत्र में जन्मे जातक प्रभावशाली, उत्साहपूर्ण, समाज में सम्मानित व कुलीन होते हैं. ये ईमानदार, सभी के हितैषी व निष्कपट होते हैं. व्यव्हार से स्वच्छन्द, दयालु, अतिउदार, स्पष्टवक्ता, तर्कप्रिय और मित्रो पर बहुत धन व्यय करने वाले होते हैं. ये जातक शारीरिक श्रम के स्थान पर मानसिक कार्यों को अधिक वरियता देते हैं. इनकी व्यावसायिक अभिरुचियाँ बीमा, बैंक व्यवसाय, न्यायाधीश, अपराध विशेषज्ञ, रसायन एवं दवा निर्माण एवं विक्रय, भूमि-भवन व कृषि भूमि से सम्बन्धित व्यवसाय, उद्योग, बन्दरगाह या रक्षा विभाग में नौकरी, आयुवेदिक दवाइयां, दलाली आदि क्षेत्र में अधिकांशतः होती है।
Published on:
07 Feb 2026 12:44 pm
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