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अब सोना लेगा ‘स्मार्ट’ अवतार, रंग-रूप बदलने वाला नैनो-गोल्ड तैयार

Nano-Gold: सोना भी रंग-रूप बदल सकता है। वैज्ञानिकों ने इस दिशा में एक बड़ी खोज की है। क्या है खोज? आइए जानते हैं।

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Now gold will take smart avatar

सोना (Gold) और अन्य धातुएं सामान्यतौर पर एक जैसी रहती हैं और इनके रंग-रूप में कोई बदलाव नहीं आता है। अगर आपको बताया जाए कि सोना भी रंग-रूप बदल सकता है, तो शायद भरोसा नहीं होगा। लेकिन वैज्ञानिकों ने इस सोच को बदल दिया है। अब तक धातुओं को स्थिर और एक जैसे व्यवहार वाला पदार्थ माना जाता था, लेकिन जापानी वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसा कर दिखाया है जिसके बारे में शायद ही किसी ने सोचा होगा।

रंग-रूप बदलने वाला नैनो-गोल्ड तैयार

डॉ. रीना सातो और प्रोफेसर कियोशी कानी के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने ऐसा ‘स्मार्ट' नैनो-गोल्ड (Nano-Gold) विकसित किया है, जो वातावरण के अनुसार अपना रंग-रूप बदल सकता है। वैज्ञानिकों ने सोने के नैनोकणों पर दो विशेष कार्बनिक अणुओं की परत चढ़ाई, जिससे ये कण जीवित कोशिकाओं की तरह प्रतिक्रिया देने लगे। सामान्य स्थिति में ये पानी की सतह पर छोटे द्वीपों की तरह रहते हैं, लेकिन तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस पहुंचते ही आपस में जुड़कर जाल बना लेते हैं। दबाव पड़ने पर यह जाल फिर टूटकर अलग-अलग कणों में बदल जाता है।

कैंसर की चिकित्सा में नई उम्मीद

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तकनीक भविष्य में कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज में बड़ी भूमिका निभा सकती है। ऐसे नैनोकण शरीर के भीतर केवल प्रभावित हिस्से के पास सक्रिय होकर दवा छोड़ सकेंगे। इससे दवा सीधे रोगग्रस्त कोशिकाओं तक पहुंचेगी और साइड इफेक्ट कम हो सकते हैं। इससे मेडिकल साइंस के सेक्टर में भविष्य में काफी फायदा हो सकता है। हालांकि यह तकनीक कितनी फायदेमंद होगी, फिलहाल इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक्स भी होंगे स्मार्ट

वैज्ञानिकों के अनुसार इन कणों के जुड़ने और टूटने से उनकी प्रकाश और इलेक्ट्रॉनिक क्षमताएं भी बदलती हैं। इससे भविष्य में ऐसे फ्लेक्सिबल सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाए जा सकेंगे, जो तापमान या स्पर्श के अनुसार अपना व्यवहार बदलेंगे।

बदली कहावत

एक पुराणी कहावत है जो सोने की शुद्धता और स्थिरता पर आधारित है। सोना एक ऐसी धातु है जिसका रंग और रूप कभी नहीं बदलता। आग में तपने पर वो और ज़्यादा चमकदार हो जाता है, पर अपना मूल स्वभाव नहीं खोता। हालांकि वैज्ञानिकों की नई खोज ने इस कहावत को बदल दिया है।