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राजस्थान : कैंटीन मैनेजर के साथ जीआरपी थाने में अमानवीय कृत्य, शराब के बोतल में भरकर पिलाई यूरिन, की मारपीट

राजस्थान के गंगापुर सिटी जीआरपी थाने से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां रेलवे स्टेशन पर संचालित कैंटीन मैनेजर को कुछ जीआरपी के जवानों ने यूरिन पिलाई और मारपीट की। मामला मंथली धन उगाही से जुड़ा बताया जा रहा है। जिसमें आरोपी तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है।

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गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

गंगापुर सिटी। रेलवे स्टेशन पर संचालित कैंटीन के मैनेजर के साथ जीआरपी थाने में रात में बुरी तरह मारपीट की गई। इतना ही नहीं, सीएमआइ कॅमिर्शियल मैनेजमेंट इंस्पेक्टर ने पीड़ित को शराब की बोतल में पेशाब भी पिलाया। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने पर महकमे में हड़कम्प मच गया। प्रकरण 26 मई की रात को हुआ। इसके बाद पीड़ित ने 29 मई को जयपुर जाकर सम्बंधित आरोपियों के खिलाफ जयपुर जीआरपी में प्राथमिकी दर्ज कराई।

मामले में सीएमआइ रवि मीना, एएसआइ भवानी शंकर, कांस्टेबल दिलीप कुमार मीना और मस्तराम मीना को नामजद किया गया है। जीआरपी पुलिस अधीक्षक अजमेर ने एएसआइ सहित तीनों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।

मंथली पैसा नहीं देने पर की बर्बरता

रेलवे स्टेशन पर स्थित कैंटीन के मैनेजर अजीत सिंह ने जीआरपी थाने में गंभीर आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। परिवादी ने बताया कि 26 मई की रात करीब साढे़ 9 बजे सीएमआइ उससे मंथली मांगने आए। उसने 2-4 दिन की मोहलत मांगी। इस पर वह अभद्रता करने लगा और लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दी। इसके बाद रात करीब 11 बजे एएसआइ भवानी शंकर ने उसे अपने सरकारी क्वार्टर पर बुलाया। वहां सीएमआइ रवि कुमार मीणा, दिलीप कुमार मीणा और मस्तराम मीणा शराब के नशे में मौजूद थे।

शराब के बोतल में भरकर पिलाई यूरिन

अजीत सिंह के अनुसार चारों ने मिलकर उसके साथ बर्बरता पूर्ण मारपीट की। इस दौरान सीएमआइ रवि कुमार मीणा ने उसे शराब की बोतल में भरा हुआ मूत्र पिलाया। वहीं एएसआइ भवानी शंकर ने उसकी जेब से 15,700 रुपए निकाल लिए। घटना के समय अजीत सिंह ने शोर मचाया, लेकिन क्वार्टर का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी उसे बचा नहीं सके।

कोटा जीआरपी करेगी जांच

रिपोर्ट में उल्लेख है कि घटना के बाद अजीत सिंह के शरीर पर गर्दन, कान, नाक, पीठ, कंधे और जांघों पर चोटों के निशान पाए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच गंगापुर सिटी जीआरपी थाने को स्थानांतरित कर दी है। साथ ही परिवादी के चोटों का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया है। मामले की जांच कोटा जीआरपी पुलिस उपाधीक्षक शकील अहमद को सौंपी है।

इनका कहना है-

पीड़ित ने जयपुर जाकर एफआइआर दर्ज कराई है। जिसे अब गंगापुर सिटी में दर्ज कर लिया गया है। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अधीक्षक अजमेर ने तीनों पुलिसकर्मियों को लाइन बुला लिया है। उनको रिलीव भी कर दिया है। परिवादी के बयान लेकर अनुसंधान शुरू किया जाएगा। -शकील अहमद, पुलिस उपाधीक्षक, जीआरपी कोटा।