Monsoon in Chhattigarh: अगले 48 घंटे में केरल में मानसून पहुंच जाएगा। इसी के साथ ही प्रदेश में भी प्री-मानसून के एक्टिव होने के संकेत है। इससे पहले मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले पांच दिनों के लिए चेतावनी जारी किया है..
Chhattisgarh Monsoon Update: छत्तीसगढ़ में नौतपा अब खत्म हो गया है। इसी के साथ ही तेजी से मानसून के आने के संकेत मिल रहे हैं। इधर दो सौ की संख्या में सात समुंदर पार कर पहुंचे साइबेरियन पक्षियों ने भी बारिश का पैगाम लाया है। वहीं मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में अब मानसून की गतिविधियां तेज हो गई है। जिसके चलते हर शाम मौसम में बदलाव हो रहा है। वहीं इस बार मानसून के जल्द पहुंचने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में पहुंचे की तारीख क्या है आइए बताते हैं..
मौसम विभाग की ओर से जारी अपडेट के अनुसार आज भी प्रदेश के कई हिस्सों में देर शाम अंधड़ के साथ हल्की बारिश का अनुमान जताया है। मंगवार को दिनभर हल्के बादल छाए रहे, जिसके चलते दिनभर उमस भरी गर्मी का ऐहसास हुआ। वहीं अब अंधड़ और बारिश के हालात बन रहे हैंं। इससे पहले रविवार को बेमेतरा में आंधी तूफान के साथ जोरदार बारिश हुई। आज भी कई जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी हुआ है।
केरल में मानसून के आगमन को लेकर लगातार अपडेट आ रहे हैं। वहीं मिल रही जानकारी के अनुसार 4 जून तक केरल में मानसून दस्तक दे सकता है। इस दिन भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है। इसी के साथ ही छत्तीसगढ़ में भी प्री मानसून के एक्टिव होने की संभावना है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले पांच दिन 2, 3, 4, 5, 6 जून तक आंधी-तूफान के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
बेमेतरा जिले के नवागढ़ ब्लाक में 30 मई को लगभग दो सौ की संख्या में सात समुंदर पार कर मानसून आने की पैगाम लेकर साइबेरियन पक्षियों का एक दल ग्राम कटई आ गया है। इनके आगमन से गांव में उत्साह है। ( Monsoon in Chhattisgarh) कोई दो दशक से इस गांव में आने वाले इन मेहमानों को शुभ माना जाता है। बारिश का संकेत ही नहीं इनका पड़ाव तय कर देता है कि बारिश कितनी होगी। जून से दिसंबर-जनवरी तक कटई सहित आसपास के गांवों मे डेरा डालकर दिन भर नदी नाला तालाब में चारा चुगकर शाम को गांव को कलरव से गुलजार करने वाले यह मेहमान यहां से अपनी संख्या बढ़ाकर जाते है। प्रजनन के बाद बच्चे जब उडऩे में दक्ष हो जाते है तब वतन लौट जाते है।
ग्राम कटई निवासी चुम्मन वर्मा ने बताया कि पक्षियों के आने से यह संकेत मिलता है कि अब पखवाड़े भर के भीतर मानसून आ जाएगा। गांव में इन पक्षियों को देव दूत से कम नहीं माना जाता। यदि बीच में ए गांव छोड़ देते हैं तो अकाल तय है। गांव के तालाब किनारे पेड़ के अलावा आसपास के गांवों मे इनका बसेरा रहता है। इन्हें कोई नही छेड़ता, लोग हर स्तर पर सुरक्षित रखते हैं।
प्रदेश में मानसून कब पहुंचेगा, इसका पूर्वानुमान मौसम विभाग ने जारी नहीं किया है, लेकिन 10 जून सामान्य तारीख है। वहीं हालांकि ये ट्रेंड रहा है कि केरल में मानसून पहुंचने के 10 दिन बाद छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक हो जाती है। वहीं इस बार 4 जून को केरल में मानसून के आगमन के संकेत है। ऐसे में 14 जून तक प्रदेश में बारिश की संभावना है। प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून से बारिश होती है। वहीं पिछले साल 28 मई को मानसून बस्तर के दंतेवाड़ा पहुंच गया था।
पिछले दिनों से गरियाबंद जिले व बस्तर संभाग के कुछ स्थानों पर झमाझम बारिश हो रही है। राजधानी में भी बादल छाने से भीषण गर्मी से राहत तो है, लेकिन उमस ने परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार इन दिनों हो रही बारिश प्री मानसूनी नहीं है, बल्कि बने सिस्टम के कारण है। गरियाबंद में 3, सुकमा, रामानुजनगर में 2-2, अमलीपदर व जगदलपुर में एक-एक सेमी पानी गिरा। 3 जून से अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है। प्रदेश में अगले 5 दिन अंधड़ के साथ बारिश होगी। कहीं-कहीं आकाशीय बिजली भी गिर सकती हैं। 2 जून को रायपुर में अंधड़ के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है।