रायपुर, Jun 02, 2026

पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू का बड़ा बयान ( File Photo - Patrika )
Chhattisgarh political News: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू ने भाजपा सरकार के "खेत बचाओ अभियान" पर तीखा हमला बोलते हुए इसे किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें संकट में डालने वाला अभियान बताया है। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही प्रदेश के किसान खेती-किसानी के कार्यों में जुट गए हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो रही है।
धनेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में किसान सहकारी समितियों और खाद केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, फिर भी समय पर उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए किसानों को रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने की सलाह दे रही है, जो पूरी तरह किसान विरोधी कदम है।
उन्होंने कहा कि सरकार सहकारी समितियों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने के बजाय निजी व्यापारियों को अधिक आपूर्ति कर रही है, जिससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है। सरकार का दायित्व किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है, लेकिन वह अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए नए-नए अभियान चला रही है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में प्रदेशभर में गौठानों का निर्माण कर गोवंश संरक्षण के साथ-साथ महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट एवं जैविक खाद का उत्पादन कराया जाता था। इससे किसानों को जैविक खेती की ओर बढ़ावा मिला और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम हुई। लेकिन भाजपा सरकार ने गौठान व्यवस्था को बंद कर जैविक खाद उत्पादन की पूरी श्रृंखला को प्रभावित कर दिया।
धनेंद्र साहू ने यह भी आरोप लगाया कि एक ओर खाद के दाम बढ़ गए हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो रही है। न तो सोसायटियों में खाद मिल रहा है और न ही खुले बाजार में पर्याप्त उपलब्धता है। ऐसे में किसानों को उर्वरकों का उपयोग कम करने की सलाह देना उनकी समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि उन्हें और अधिक संकट में डालना है।
Updated on: 02 Jun 2026 07:32 pm

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