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Rajasthan: ड्रग तस्कर उस्मान खान के फार्म हाउस पर चला बुलडोजर, पाल रखे थे महंगे घोड़े, करोड़ों की संपत्ति फ्रीज

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में फरार ड्रग तस्कर उस्मान खान के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी चारागाह भूमि पर बने करोड़ों रुपये के फार्महाउस को ध्वस्त कर दिया। जांच में लग्जरी गाड़ियां, महंगे काठियावाड़ी और मारवाड़ी घोड़े समेत 2.78 करोड़ रुपये की संदिग्ध संपत्ति का खुलासा हुआ है, जिसे एनडीपीएस एक्ट के तहत फ्रीज किया गया है।

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उस्मान खान के अवैध फार्म हाउस पर चलता बुलडोजर (फोटो-पत्रिका)

प्रतापगढ़। जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। पटवार हल्का नौगांवा के ग्राम देवल्दी स्थित चारागाह आराजी नम्बर 17 पर बने अवैध फार्महाउस को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। जांच में सामने आया कि ड्रग तस्करी के मामले में फरार चल रहे आरोपी उस्मान खान ने सरकारी चारागाह भूमि पर यह फार्महाउस बनवाया था। फार्महाउस के निर्माण पर 66 लाख 83 हजार 603 रुपये खर्च किए गए थे, जबकि इसका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 1 करोड़ रुपये आंका गया है। प्रशासन, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाते हुए भूमि को मुक्त कराया।

यह कार्रवाई ऐसे समय की गई है जब एनडीपीएस एक्ट के एक बड़े मामले में आरोपी उस्मान खान और उसके परिजनों के नाम पर अर्जित लगभग 2 करोड़ 78 लाख रुपये की संपत्तियों को पहले ही फ्रीज किया जा चुका है। पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपी के पास कोई वैध आय का स्रोत नहीं होने के बावजूद उसने करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित कर ली थी।

कुख्यात तस्कर की नहीं हो सकी गिरफ्तारी

दरअसल, अरनोद थाना क्षेत्र में 21 फरवरी 2026 को पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक मोटरसाइकिल सवार नारायण लाल मीणा को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 2 किलो 708.6 ग्राम ब्राउन शुगर तथा 1 किलो 723.2 ग्राम केमिकल बरामद किया गया था। इस संबंध में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 एवं 29 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि बरामद मादक पदार्थ आरोपी उस्मान खान द्वारा सप्लाई के लिए भेजा गया था। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही वह फरार हो गया और तब से लगातार गिरफ्तारी से बच रहा है। न्यायालय से वारंट जारी होने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

लाखों के लग्जरी वाहन

जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में की गई आर्थिक जांच में पता चला कि आरोपी ने गांव देवल्दी में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से आवासीय पट्टे पर आलीशान मकान बनाया था। इसके अलावा उसके कब्जे में करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य का फार्महाउस, 18 लाख रुपये की स्कॉर्पियो और लगभग 30 लाख रुपये की फॉर्च्यूनर वाहन भी पाई गई।

पाल रखे थे मारवाड़ी और काठियावाड़ी नस्ल के घोड़े

जांच में यह भी सामने आया कि उसने मारवाड़ी एवं काठियावाड़ी नस्ल के 5 घोड़े तथा 10 मुर्रा नस्ल की भैंसें खरीद रखी थीं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये है। पुलिस जांच के अनुसार आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर अर्जित कुल संपत्ति का मूल्य लगभग 2 करोड़ 78 लाख रुपये पाया गया। पुलिस का मानना है कि यह संपत्ति मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध कमाई से बनाई गई थी। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ(1) के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव 9 अप्रैल 2026 को सक्षम प्राधिकरण, नई दिल्ली को भेजा गया था।

कार्रवाई करते अधिकारी (फोटो-पत्रिका)

फॉर्म हाउस पर चला बुलडोजर

स्वीकृति मिलने के बाद 13 अप्रैल 2026 को संबंधित संपत्तियों पर फ्रीजिंग नोटिस जारी कर दिए गए थे। संपत्तियों की जांच के दौरान प्रशासन को पता चला कि ग्राम देवल्दी की चारागाह आराजी नम्बर 17 पर बना फार्म हाउस सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्मित किया गया है। इसके बाद तहसीलदार के आदेश पर राजस्व विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि जिले में मादक पदार्थ तस्करी और अपराध से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।