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अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप पर ED का बड़ा सर्च ऑपरेशन, कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

Vedanta ED Raid: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल से जुड़े कई ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की। जिसके बाद वेदांता के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि कंपनी पूरा सहयोग कर रही है और ED द्वारा मांगी गई सभी जानकारी दे रही है।

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Vedanta Group के कई ठिकानों पर ED की छापेमारी… फोटो में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (सोर्स: ANI)

Anil Agarwal Vedanta Group: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल एक बार फिर चर्चा में हैं। वजह है प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईडी ने वेदांता ग्रुप से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े एक मामले में की जा रही है।

दिलचस्प बात यह है कि यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब वेदांता का बड़ा डीमर्जर पूरा हो चुका है और कंपनी से अलग हुई चार नई कंपनियों की शेयर बाजार में लिस्टिंग होने वाली है।

जानकारी के अनुसार, ईडी को विदेशी मुद्रा लेनदेन से जुड़े कुछ संभावित नियम उल्लंघनों की जांच करनी है। FEMA के तहत एजेंसी तब कार्रवाई करती है, जब उसे विदेशी निवेश, धन हस्तांतरण या अन्य विदेशी मुद्रा लेनदेन में अनियमितता का संदेह होता है।

वेदांता ग्रुप ने दी प्रतिक्रिया

अधिकारियों ने बताया कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने मंगलवार को फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत वेदांता ग्रुप पर रेड मारी। एजेंसी ने अभी तक यह नहीं बताया है कि कथित उल्लंघन किस तरह के हैं। रेड की पुष्टि करते हुए, वेदांता के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा कि कंपनी पूरा सहयोग कर रही है और ED द्वारा मांगी गई सभी जानकारी दे रही है। कंपनी सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करने के लिए कमिटेड है। चूंकि मामला अभी रेगुलेटरी प्रोसेस में है, इसलिए हम इस स्टेज पर और कोई कमेंट नहीं कर सकते।"

बता दें वेदांता लिमिटेड भारत की लीडिंग डायवर्सिफाइड नेचुरल रिसोर्स कंपनी में से एक है, जो जिंक, एलुमिनियम, कॉपर, आयरन ओर, ऑयल और गैस, स्टील और पावर बनाती है।

चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ दर्ज की गई थी FIR

वेदांता पहले भी विदेशी मुद्रा नियमों से जुड़े मामलों में जांच के दायरे में आ चुकी है। साल 2004 में ईडी ने स्टरलाइट इंडस्ट्रीज और उसके निदेशकों पर नियम उल्लंघन के मामले में जुर्माना लगाया था।

वहीं अप्रैल 2026 में छत्तीसगढ़ के एक पावर प्लांट में बॉयलर फटने की घटना हुई थी, जिसमें 20 से ज्यादा मजदूरों की मौत हो गई थी। इस मामले में कंपनी की शीर्ष नेतृत्व टीम, जिसमें चेयरमैन अनिल अग्रवाल भी शामिल थे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

इसके अलावा, पिछले महीने ओडिशा में भेडेन नदी और नहर से बिना अनुमति पानी लेने के आरोप में वेदांता एल्युमीनियम पर 233.11 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

वेदांता भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनियों में से एक है और देश की करीब 81 प्रतिशत जिंक जरूरत भी पूरी करती है। कंपनी तेल, गैस और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में भी काम करती है।