कोलकाता, Jun 02, 2026

mamata banerjee
Sena Model In Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा में मिली करारी हार के साथ ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। बीते कुछ दिनों से बंगाल की राजनीति गरमाई हुई है। तृणमूल कांग्रेस द्वारा हाल ही में निलंबित किए गए एक नेता ने पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पाटी के 50 विधायक एकजुट हैं और विधानसभा में दो तिहाई बहुमत हासिल कर लेंगे। निलंबित टीएमसी नेता रिजु दत्ता द्वारा मंगलवार को दिए गए बयान ने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।
सीआईडी जांच को शुरू करने वाले चल रहे हस्ताक्षर कांड या साइनगेट के बारे में बताते हुए दत्ता ने एक साक्षात्कार में तृणमूल से निष्कासित दो विधायकों, ऋतब्रता बंदोपाध्याय और संदीपान साहा के बारे में बात की। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में प्रस्तुत दस्तावेजों में उनके हस्ताक्षर जाली थे। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के कुछ नेता विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर अपनी समस्याओं को उठाएंगे।
रिजू दत्ता ने दावा किया कि बंगाल में महाराष्ट्र मॉडल लागू हो रहा है और लगभग 50 विधायक विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत बनाने के लिए एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है। लगभग 50 विधायक हमारे साथ हैं। चूंकि हम असली तृणमूल कांग्रेस हैं, इसलिए विपक्ष के नेता ऋतब्रता बंदोपाध्याय होंगे, न कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय। उन्होंने आगे कहा कि चूंकि बहुमत इन्हीं विधायकों द्वारा बनाया जाएगा, इसलिए उन्हें पार्टी चिन्ह भी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि शिव सेना महाराष्ट्र मॉडल वर्तमान में बंगाल में लागू है।
रिजू दत्ता साल 2022 में शिवसेना के दो गुटों में विभाजन का जिक्र कर रहे है, जिसके बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार महाराष्ट्र में सत्ता से बेदखल हो गई थी। उस समय भी पार्टी के नाम और चिन्ह को लेकर विवाद छिड़ा था, जो एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट के पक्ष में गया, क्योंकि राज्य विधानसभा में उनके विधायकों का बहुमत था।
हालांकि, ममता बनर्जी अपनी पार्टी के आंतरिक संकट से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं और उन्होंने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन की योजना बनाई है।
रिजू दत्ता की टिप्पणियां तृणमूल कांग्रेस के भीतर सार्वजनिक रूप से चल रही दरार का पहला संकेत नहीं हैं। सोमवार को पार्टी ने संदीपान साहा और ऋतब्रता बनर्जी को निष्कासित कर दिया, क्योंकि पार्टी के 80 विधायकों में से 61 ने महत्वपूर्ण बैठकों में भाग नहीं लिया था। इन विधायकों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का भी आरोप लगाया गया था।
Updated on: 02 Jun 2026 03:24 pm

कोई कमेंट नहीं है।
पहले कमेंट करने वाले बनें।