K.Annamalai के दिल्ली रवाना होने और नई पार्टी बनाने की अटकलों ने तमिलनाडु की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। समर्थकों के पोस्टर, विधानसभा चुनाव के बाद बदले हालात और उनके बयान से राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है।
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में नए सरकार के गठन को अब कई हफ्तों का समय गुजर गया है। इस चुनाव में बीजेपी ने को महज एक सीट हासिल हुई। लेकिन अब बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई अपनी राजनीतिक गतिविधि से चर्चा में आ गए हैं। सोमवार को चेन्नई से दिल्ली रवाना हुए अन्नामलाई ने अपनी राजनीतिक भविष्य को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने अटकलों को और हवा दे दी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह नई राजनीतिक पार्टी बनाने की तैयारी कर रहे हैं, तो उन्होंने सीधे तौर पर इनकार नहीं किया। उन्होंने केवल इतना कहा, 'दो दिन इंतजार कीजिए, फिर बैठकर बात करेंगे।' उनके बयान से कयासों का बाजार गर्म हो गया है। आपको बता दें कि ऐसी चर्चा है कि अन्नामलाई बीजेपी का साथ छोड़कर अपनी नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं।
अन्नामलाई के जन्मदिन से पहले कोयंबटूर में उनके समर्थकों ने बड़े-बड़े पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों पर लिखे मैसेज ने भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। पोस्टरों पर लिखा है कि हमारे नेता, वापस आइए और हमारा नेतृत्व कीजिए जैसे नारों को कई राजनीतिक जानकार अन्नामलाई के समर्थन शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं। शहर के कई प्रमुख इलाकों में लगे इन पोस्टरों के बाद यह चर्चा और तेज हो गई कि क्या अन्नामलाई भविष्य में कोई अलग राजनीतिक रास्ता चुन सकते हैं?
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने साल 2020 में बीजेपी का दामन थामा था। इसके बाद उनका राजनीतिक सफर काफी तेजी से आगे बढ़ा। 2021 से 2025 तक उन्होंने तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के रूप में काम किया और राज्य में पार्टी का सबसे चर्चित चेहरा बनकर उभरे। राज्यभर में यात्राएं, आक्रामक प्रचार अभियान और सोशल मीडिया पर सक्रिय मौजूदगी ने उन्हें तमिलनाडु की राजनीति में अलग पहचान दिलाई। कई मौकों पर वह विपक्षी दलों के खिलाफ बीजेपी की सबसे मजबूत आवाज के रूप में नजर आए।
लेकिन 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद अन्नामलाई के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे थे। खासकर तब, जब उन्हें कोयंबटूर सीट से चुनाव मैदान में नहीं उतारा गया। माना जाता है कि वह इस सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक थे। हालांकि बीजेपी नेताओं ने किसी भी तरह के मतभेद या संभावित अलगाव की खबरों को खारिज किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अन्नामलाई की लोकप्रियता और राज्यव्यापी पहचान बीजेपी के मंच से ही बनी है और वह अब भी पार्टी के साथ ही हैं।