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महंगाई समस्या नहीं, डॉलर सौ रुपये का हो जाए तो क्या होगा, सौ एक संख्या ही तो है- पीएम की आर्थिक सलाहकार बोलीं

PM की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य डॉ. शमिका रवि ने कहा कि महंगाई कोई समस्या नहीं है। यह तब समस्या होती, जब RBI या सरकार रुपये की कीमत बनाए रखने की कोशिश करती।

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Dr Shamika Ravi is a Member of the Economic Advisory Council

Shamika Ravi on Rupee Dollar: प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की सदस्य डॉ. शमिका रवि ने देश की अर्थव्यवस्था, महंगाई और रुपये की कीमत को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। डॉ. शमिका रवि ने एक विशेष इंटरव्यू (ANI पॉडकास्ट) में कहा कि भारत में फिलहाल महंगाई कोई समस्या नहीं है। इसी के साथ रुपये और डॉलर के समीकरण पर बात करते हुए उन्होंने साफ लहजे में कहा, अगर रुपया एक डॉलर के मुकाबले 100 के स्तर पर भी पहुंच जाए, तो क्या होगा? 100 सिर्फ एक संख्या ही तो है।

'महंगाई समस्या नहीं, जबरन हस्तक्षेप से पैदा होगी दिक्कत'

डॉ. शमिका रवि ने भारत की मौजूदा आर्थिक स्थिति का मजबूती से बचाव करते हुए कहा कि देश में महंगाई फिलहाल नियंत्रण में है। यह कोई बड़ी समस्या नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि वास्तविक समस्या तब पैदा होगी जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या केंद्र सरकार बाजार के प्राकृतिक नियमों के खिलाफ जाकर रुपये की वैल्यू (कीमत) को जबरन एक निश्चित स्तर पर बनाए रखने की कोशिश करेगी। उनके मुताबिक, बाजार को अपनी गति से चलने देना चाहिए और मुद्रा के उतार-चढ़ाव को सामान्य आर्थिक प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।

100 का आंकड़ा महज एक नंबर: शमिका रवि

जब उनसे रुपये की लगातार गिरती कीमत और डॉलर के मुकाबले इसके कमजोर होने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को 100 के मनोवैज्ञानिक आंकड़े से डरने की जरूरत नहीं है। यह केवल एक संख्या है। उनका मानना है कि वैश्विक बाजार के समीकरणों के तहत करेंसी का ऊपर-नीचे होना स्वाभाविक है और इससे देश की बुनियादी आर्थिक मजबूती पर कोई सीधा नकारात्मक असर नहीं पड़ता।

तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और AI का भविष्य

रुपये और महंगाई पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए डॉ. शमिका रवि ने देश के विकास की रफ्तार पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय लगातार और उच्च विकास के दौर से गुजर रही है। वैश्विक चुनौतियों और पश्चिम एशिया के संकट के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद बेहद मजबूत है। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नेचुरल होम यानी सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।