देश में PNG नेटवर्क के विस्तार के साथ लोग LPG सिलेंडर छोड़कर पाइप्ड गैस अपना रहे हैं। सरकार के अनुसार 80,400 से अधिक उपभोक्ता LPG कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं, जबकि लाखों नए PNG कनेक्शन जोड़े गए हैं।
PNG Gas Connections: देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का जाल इतनी तेजी से बिछ रहा है कि लोग अब खुद रसोई गैस सिलेंडर छोड़ रहे हैं। सरकार का पूरा फोकस अब घरों तक सीधे पाइप से गैस पहुंचाने पर है। इसी बीच सरकार ने आधिकारिक आंकड़ा जारी जिसमें सामने आया है कि 3 जून, 2026 तक, 80,400 से अधिक उपभोक्ताओं ने MYPNGD.in पोर्टल के माध्यम से अपने LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। यह कदम स्वच्छ ईंधन के उपयोग की ओर बदलाव को तेज करने और सिटी गैस वितरण (CGD) नेटवर्क का विस्तार करने के लिए सरकार के चल रहे प्रयासों का एक हिस्सा है।'
देश में चल रहे 'नेशनल पीएनजी ड्राइव 2.0' को लेकर भी सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। यह अभियान पहले 1 जनवरी 2026 से शुरू होकर 31 मार्च 2026 को खत्म होने वाला था। लेकिन जनता की मांग को देखते हुए सरकार ने इसकी तारीख को आगे बढ़ा दिया है। अब यह ड्राइव 30 जून 2026 तक चलेगी ताकि ज्यादा से ज्यादा घरों को पाइप वाली गैस से जोड़ा जा सके।
मार्च से लेकर अब तक करीब 8.82 लाख नए PNG कनेक्शनों में गैस सप्लाई शुरू की जा चुकी है। वहीं, 2.98 लाख नए कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया गया है। कुल मिलाकर 11.80 लाख नए संभावित कनेक्शन तैयार हैं। यही नहीं, करीब 8.98 लाख नए ग्राहकों ने पहले ही PNG कनेक्शन के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है।
सरकार ने सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे कमर्शियल इलाकों में होटलों और रेस्टोरेंटों को प्राथमिकता के आधार पर PNG कनेक्शन दें। इसके साथ ही, सरकार ने एक नया दांव खेला है। जो राज्य LPG से PNG की तरफ तेजी से शिफ्ट होंगे, उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त कमर्शियल LPG का कोटा मिलेगा।
इस पूरे बदलाव के बीच उद्योगों और यूरिया प्लांटों की गैस सप्लाई का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। सरकार ने बताया है कि चालू यूरिया प्लांटों को पिछले छह महीनों की उनकी औसत खपत का लगभग 98% गैस सप्लाई दी जा रही है। वहीं, अन्य औद्योगिक और कमर्शियल यूजर्स, जिनमें सिटी गैस नेटवर्क भी शामिल है, उनकी सप्लाई को बढ़ाकर 80% तक कर दिया गया है।