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पेपर लीक आरोपी जेल में रहकर करेगा NEET की तैयारी, अदालत से मिली मंजूरी

Paper Leak Case: NEET UG पेपर लीक मामले में दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी यश यादव को जेल में पढ़ाई के लिए किताबें रखने की अनुमति दी और सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ा दी।

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NEET पेपर लीक (Video Screenshot)

NEET UG Paper Leak Case: NEET UG पेपर लीक मामले में दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने आरोपी यश यादव को जेल में किताबें रखने की अनुमति दे दी है, ताकि वह NEET UG री-एग्जाम 2026 की तैयारी कर सके। यह परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली है।

15 जून तक बढ़ाई न्यायिक हिरासत

राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) में विशेष CBI जज अजय गुप्ता की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान यह फैसला लिया गया। साथ ही कोर्ट ने पांच आरोपियों मंगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोकहांडे की न्यायिक हिरासत को 15 जून तक बढ़ा दिया है।

जेल में पढ़ाई की अनुमति पर कोर्ट का फैसला

सुनवाई के दौरान यश यादव की ओर से अधिवक्ता अंबिका ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दलील दी कि आरोपी को आगामी परीक्षा की तैयारी के लिए किताबों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यश यादव ने 3 मई को हुई NEET UG Exam में भी हिस्सा लिया था। कोर्ट ने इस पर विचार करते हुए आरोपी को जेल में किताबें रखने की अनुमति प्रदान की, ताकि वह अपनी परीक्षा की तैयारी जारी रख सके।

NTA की अनुमति पर कोर्ट ने उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान अदालत ने यश यादव के वकील से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या National Testing Agency (NTA) ने आरोपी को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी है या नहीं। अदालत ने यह भी पूछा कि क्या आरोपी के पास परीक्षा का प्रवेश पत्र (Admit Card) उपलब्ध है, क्योंकि वह इस मामले में गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है।

कैसे फैला पेपर लीक का नेटवर्क?

जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि एक संगठित नेटवर्क के रूप में सामने आया है। आरोप है कि मंगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए शुभम खैरनार से संपर्क किया था। इसके बाद यह मामला एक बड़े रैकेट में बदल गया। कथित तौर पर शुभम ने सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को उपलब्ध कराया, जिसके बाद यह आगे मंगीलाल बिवाल तक पहुंचा। वहां से यह पेपर विकास और दिनेश बिवाल तक फैल गया।

10 लाख में खरीदा गया पेपर, 12 लाख में बेचा गया

CBI जांच के अनुसार, मंगीलाल बिवाल ने कथित रूप से यश यादव से NEET UG पेपर 10 लाख रुपये में हासिल किया। इसके बाद उसने इस पेपर को कई उम्मीदवारों को लगभग 12 लाख रुपये में बेचा।

CBI जांच में और भी गिरफ्तारियां

इस हाई-प्रोफाइल मामले में Central Bureau of Investigation ने शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, प्रह्लाद कुलकर्णी, मनीषा मंडल, मनीषा संजय हवालदार, शिवराज रघुनाथ मोतेगांवकर, डॉ. मनोज शिरुरे और तेजस हर्षद कुमार शाह सहित कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है।