जस्टिस शील नागू, जस्टिस श्री चंद्रशेखर, जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस अरुण पल्ली, और साथ ही वरिष्ठ वकील वी. मोहना को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस नियुक्त किया गया है। आज चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। पढ़ें पूरी खबर...
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने आज सुप्रीम कोर्ट के पांच नए जजों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। जस्टिस शील नागू, श्री चंद्रशेखर, संजीव सचदेवा, अरुण पल्ली और वरिष्ठ वकील वी. मोहना को कॉलिजियम की सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद सर्वोच्च न्यायालय के जज के तौर पर शपथ दिलाई। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है।
केंद्र सरकार ने सोमवार को चार हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों और कॉलिजियम की सिफारिश पर सीनियर लॉयर मोहना को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने की मंजूरी दी थी। न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने X पर लिखा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) से सलाह-मशविरा करने के बाद, जस्टिस शील नागू, जस्टिस श्री चंद्रशेखर, जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस अरुण पल्ली, और साथ ही वरिष्ठ वकील वी. मोहना को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है।
कॉलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर एक बयान में बताया कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 22 और 27 मई को हुई बैठकों में निम्नलिखित व्यक्तियों को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नत करने की सिफारिश की है। जस्टिस नागू को मई 2011 में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था और जुलाई 2024 में उन्होंने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाला।
जस्टिस चंद्रशेखर को जनवरी 2013 में झारखंड हाई कोर्ट का न्यायाधीश बनाया गया था और जनवरी 2025 में उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाला। जस्टिस सचदेवा को अप्रैल 2013 में दिल्ली हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था और मार्च 2015 में वे स्थायी न्यायाधीश बन गए। जुलाई 2025 में वे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने।
जस्टिस पल्ली को दिसंबर 2013 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का न्यायाधीश बनाया गया था और अप्रैल 2025 में उन्हें जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। वरिष्ठ वकील वी. मोहना सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रही हैं और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कई संवैधानिक, दीवानी और सेवा कानून से जुड़े मामलों को संभाला है।
जस्टिस वी मोहना ने 1988 में कोयंबटूर लॉ कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और तब से वकालत कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट में 2015 में उन्हें वरिष्ठ वकील नामित किया गया था। उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल मामलों में पैरवी की है, जिनमें सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों से जुड़ी सेवा शर्तें, वरिष्ठ नागरिकों के संपत्ति अधिकार और कर्नाटक में हिजाब प्रतिबंध से संबंधित मामले शामिल हैं। इसके साथ ही जस्टिस मोहना सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में 12वीं महिला जज होंगी। वह बार से सीधे जस्टिस नियुक्त होने वाली दूसरी महिला न्यायाधीश हैं।