# राष्ट्रीय

Abhishek Banerjee: फर्जी सिग्नेचर मामले में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को CID का समन, सोमवार को होगी पूछताछ

Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच के बीच टीएमसी सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को सीआईडी ने समन जारी किया है। उन्हें सोमवार को पूछताछ के लिए भवानी भवन स्थित मुख्यालय में बुलाया गया है।

2 min read
Abhishek Banerjee CID Summons (AI Image)

Abhishek Banerjee CID Summons: पश्चिम बंगाल सीआईडी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में समन जारी किया है। जांच एजेंसी ने उन्हें सोमवार दोपहर को भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा है। यह मामला विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के समर्थन से जुड़े एक पत्र में कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षरों के इस्तेमाल से जुड़ा है।

सीआईडी अधिकारियों ने शनिवार को अभिषेक बनर्जी के दक्षिण कोलकाता स्थित आवास पर पहुंचकर नोटिस सौंपा। हालांकि शुरुआती प्रयास में अधिकारी उनसे नहीं मिल सके, जिसके बाद उन्हें उनके दूसरे आवास पर जाकर समन व्यक्तिगत रूप से देना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार अभिषेक बनर्जी ने नोटिस प्राप्त कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

विवाद उस पत्र को लेकर है, जिसे 19 मई को विधानसभा सचिवालय में जमा किया गया था। इस पत्र में लगभग 70 टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षर बताए गए थे और इसके जरिए शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष के रूप में समर्थन देने की बात कही गई थी।

जांच के दौरान कुछ हस्ताक्षरों को लेकर संदेह पैदा हुआ। विधानसभा सचिवालय की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई कि कुछ विधायकों के हस्ताक्षर आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। इसके बाद मामले की जांच सीआईडी को सौंपी गई।

कई विधायकों से हो चुकी है पूछताछ

जांच के तहत सीआईडी अब तक टीएमसी के कई विधायकों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें नयना बनर्जी, चंद्रनाथ सिन्हा, कुनाल घोष और बहारुल इस्लाम जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि समर्थन पत्र में इस्तेमाल किए गए हस्ताक्षर असली थे या नहीं।

अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा?

समन मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अभी नोटिस की सामग्री नहीं देखी है और वह अपने वकीलों से सलाह लेने के बाद उचित जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे और पूछताछ के लिए भी उपस्थित होंगे।

हालांकि अभिषेक बनर्जी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम उनके राजनीतिक रुख और केंद्र सरकार की आलोचना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि वह किसी दबाव में नहीं आने वाले और पहले भी कई केंद्रीय एजेंसियों की जांच का सामना कर चुके हैं।

बंगाल की राजनीति में बढ़ा सियासी तापमान

सीआईडी के समन के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। विपक्ष जहां मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, वहीं टीएमसी इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बता रही है। अब सभी की नजर सोमवार को होने वाली पूछताछ पर टिकी है, जहां इस मामले में कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।