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Instagram Influencer Death: शादी के 6 महीने बाद फंदे से लटकी मिली लाश, परिजनों ने ससुराल वालों पर लगाए गंभीर आरोप

Instagram Influencer Death: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक महिला इन्फ्लुएंसर की संदिग्ध मौत हो गई है। महिला इन्फ्लुएंसर की मौत के बाद उसके परिजनों ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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महिला इन्फ्लुएंसर की संदिग्ध मौत (फोटो सोर्स-भाषा, WhatsApp News Group)

Instagram Influencer Death: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और संदिग्ध मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर सक्रिय 24 वर्षीय महिला इन्फ्लुएंसर की शादी के महज छह महीने बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला का शव रविवार को सआदतगंज स्थित उसके ससुराल में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद मृतका के परिवार ने हत्या और दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।

इन्फ्लुएंसर की मौत के बाद ससुराल वालों पर गंभीर आरोप

परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का कहना है कि शादी में लाखों रुपए नकद और घरेलू सामान देने के बावजूद ससुराल पक्ष लगातार कार की मांग कर रहा था। पुलिस ने महिला के पति, ससुराल के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों तक चर्चा तेज हो गई है। लोगों ने एक बार फिर दहेज प्रथा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

महिला इन्फ्लुएंसर की संदिग्ध मौत

6 महीने पहले हुई थी शादी

पुलिस के मुताबिक मृतका की शादी 9 दिसंबर 2025 को लखनऊ के सआदतगंज निवासी युवक से हुई थी। दोनों सोशल मीडिया पर सक्रिय थे और पति के इंस्टाग्राम पर लगभग साढ़े सात लाख फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन कुछ ही समय बाद मृतका ने अपने परिवार को कथित प्रताड़ना के बारे में बताना शुरू कर दिया था।

परिजनों के अनुसार ससुराल पक्ष की ओर से लगातार अतिरिक्त दहेज और कार की मांग की जा रही थी। मृतका के परिवार का कहना है कि उन्होंने शादी में लगभग सात लाख रुपये नकद, घरेलू सामान और अन्य उपहार दिए थे। इसके बावजूद ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे और बेटी पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

परिवार ने लगाए हत्या के आरोप

घटना के बाद मृतका के चाचा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने उनकी भतीजी की हत्या कर दी और उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए फांसी पर लटका दिया। परिवार का कहना है कि मृतका कई बार फोन पर रोते हुए अपने साथ हो रही प्रताड़ना की जानकारी देती थी।

परिजनों ने यह भी बताया कि वे कई बार लखनऊ आकर दोनों परिवारों के बीच समझौता कराने की कोशिश कर चुके थे, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। मृतका के परिजनों का आरोप है कि घटना वाले दिन भी परिवार को समय पर जानकारी नहीं दी गई। जब उन्हें सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

लखनऊ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मृतका के पति और अन्य ससुरालीजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस के अनुसार भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और दहेज निषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौके का निरीक्षण किया गया और पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मध्य) जितेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि मामले की जांच के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है और आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया की चमक के पीछे दर्द

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मृतका और उसका पति दोनों सोशल मीडिया से जुड़े हुए थे। बाहर से देखने पर उनकी जिंदगी खुशहाल और ग्लैमरस दिखाई देती थी, लेकिन परिवार के आरोपों ने इस चमक के पीछे छिपे तनाव और प्रताड़ना की तस्वीर सामने ला दी है।

सूत्रों  का कहना है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली जिंदगी हमेशा वास्तविकता नहीं होती। कई बार लोग निजी जीवन में गंभीर मानसिक और सामाजिक दबाव झेल रहे होते हैं, लेकिन बाहरी दुनिया को इसका अंदाजा नहीं होता। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आधुनिकता और सोशल मीडिया के दौर में भी दहेज जैसी कुप्रथा क्यों खत्म नहीं हो पा रही है।

दहेज प्रथा पर फिर उठे सवाल

देश में दहेज विरोधी कानून होने के बावजूद दहेज उत्पीड़न और विवाह के बाद महिलाओं की संदिग्ध मौतों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार हर साल हजारों महिलाएं दहेज से जुड़े मामलों में अपनी जान गंवा देती हैं। सूत्रों का कहना है कि दहेज केवल आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक मानसिकता से जुड़ा मुद्दा है। कई परिवार आज भी शादी को लेन-देन का माध्यम मानते हैं और यही सोच महिलाओं पर अत्याचार का कारण बनती है।

महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि दहेज उत्पीड़न के मामलों में केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता और मानसिक बदलाव भी जरूरी है। परिवारों को बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि समान अधिकार वाला सदस्य मानना होगा।

ट्विशा शर्मा केस से हो रही तुलना

लखनऊ की इस घटना की तुलना भोपाल में सामने आए ट्विशा शर्मा केस से भी की जा रही है। नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के कुछ महीनों बाद उनकी भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

उस मामले में भी परिवार ने दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। बाद में मामला इतना बढ़ा कि सीबीआई जांच तक पहुंच गया। हाल ही में भोपाल की एक अदालत ने पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा था। दोनों मामलों में समानता यह है कि शादी के कुछ महीनों के भीतर महिलाओं की मौत हुई और परिवारों ने दहेज प्रताड़ना को कारण बताया। इन घटनाओं ने महिलाओं की सुरक्षा और वैवाहिक उत्पीड़न को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।

महिलाओं की सुरक्षा पर बढ़ती चिंता

समर्थ नारी संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरा सिन्हा वर्षा  का कहना है कि  लखनऊ की यह घटना केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है। आज भी कई महिलाएं शादी के बाद मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलने को मजबूर हैं।

कई मामलों में वे डर, सामाजिक दबाव या परिवार की इज्जत के कारण खुलकर शिकायत भी नहीं कर पातीं। उनका मानना है कि यदि परिवार और समाज समय रहते महिलाओं की बात गंभीरता से सुनें और कानूनी सहायता उपलब्ध कराएं तो कई जानें बचाई जा सकती हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना भी बेहद जरूरी है।

जांच पर टिकी सबकी नजर

फिलहाल पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है और परिवार न्याय की मांग कर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत की असली वजह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।