लखनऊ, Jun 01, 2026

सूर्या चौहान हत्याकांड पर सीएम योगी की प्रतिक्रिया (फोटो- पत्रिका)
Yogi Reaction on Surya Chauhan Murder Case: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिजनौर के अफजलगढ़ क्षेत्र में आयोजित एक बड़े सरकारी कार्यक्रम में गाजियाबाद के चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने इस घटना को समाज को झकझोर देने वाला बताते हुए कहा कि दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो लोग अपने बच्चों को सही संस्कार नहीं दे पा रहे हैं, वे समाज के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। ऐसे 'नालायक बच्चों' को समय रहते समझाना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सूर्या चौहान हत्याकांड को लेकर पूरे प्रदेश में चर्चा तेज है। इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कानून व्यवस्था, सामाजिक जिम्मेदारी, विस्थापित हिंदू परिवारों के अधिकार और गौमाता के महत्व जैसे मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार दोपहर बिजनौर के अफजलगढ़ क्षेत्र के आलमपुर गावड़ी पहुंचे, जहां उन्होंने पाकिस्तान से विस्थापित हिंदू-सिख परिवारों और पूर्व सैनिकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल जमीन का कागज देने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि दशकों से न्याय का इंतजार कर रहे परिवारों को सम्मान और अधिकार दिलाने की पहल है।
सरकार की ओर से 1,645 विस्थापित परिवारों और 50 पूर्व सैनिकों को भूमिधरी अधिकार पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों को आज यह अधिकार मिला है, उन्होंने विभाजन के दौरान बेहद दर्दनाक परिस्थितियों का सामना किया था। उन्हें अपनी जमीन, मकान और पुश्तैनी संपत्ति छोड़कर भारत आना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद भी दशकों तक इन परिवारों को उनका हक नहीं मिल पाया, लेकिन अब उनकी चौथी पीढ़ी को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान से आए हिंदू और सिख विस्थापितों के मुद्दे पर विपक्ष और कुछ धार्मिक नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान में मजहबी कट्टरता के कारण हजारों परिवारों को अपनी जमीन और घर छोड़ने पड़े, तब देश के मौलाना और मौलवियों की आवाज कभी नहीं निकली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि वास्तव में संवेदनाएं होती तो वे यह कहते कि जिन कट्टरपंथियों ने पाकिस्तान में हिंदुओं की संपत्ति पर कब्जा किया, या यहां वक्फ के नाम पर जिन लोगों ने जमीन कब्जाई है, वह जमीन इन विस्थापित परिवारों को दी जाए। उन्होंने कहा कि “दोहरा चरित्र” अब देश समझ चुका है। मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए विपक्षी दलों पर भी तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि देश अब ऐसे एजेंडे को स्वीकार नहीं करेगा।
बिजनौर कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार गाजियाबाद के सूर्या चौहान हत्याकांड पर सार्वजनिक रूप से बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर करने वाली घटना है।
मुख्यमंत्री ने कहा- बकरीद पर गलत हरकतें की गईं। दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि समाज को यह समझना होगा कि यदि परिवार अपने बच्चों को सही रास्ता नहीं दिखाएंगे तो परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई अपनी नालायक औलाद को समझा नहीं पा रहा तो समझो वह गलती कर रहा है। हमें इन नालायक बच्चों को समझाना होगा। मुख्यमंत्री का यह बयान सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 28 मई को बकरीद के दिन सूर्या चौहान की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार रोड रेज और आपसी विवाद के बाद असद नामक युवक और उसके साथियों ने सूर्या पर चाकू से हमला किया था। हमले में गंभीर रूप से घायल सूर्या को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी असद के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें वह घटना को लेकर कथित तौर पर फक्र जताता दिखाई दे रहा था। पुलिस ने बाद में आरोपी असद को मुठभेड़ में मार गिराया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई। विपक्षी दलों ने एनकाउंटर पर सवाल उठाए, जबकि बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में यह भी कहा कि यदि समाज के सामने “खर-दूषण” जैसी प्रवृत्तियां खड़ी हों तो शस्त्र उठाना जरूरी हो जाता है। उनके इस बयान को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार किसी भी स्तर पर सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में गौमाता के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कुछ मौलाना और मौलवी यह बयान दे रहे हैं कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है।
उन्होंने कहा कि मां और बेटे के रिश्ते को किसी घोषणा की जरूरत नहीं होती। क्या किसी बेटे को यह बताना पड़ता है कि वह अपनी मां का सम्मान करे? मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता माना गया है और यह केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक भावना का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “गाय को पशु बोलने वालों की सोच पशुवत है।” उनके इस बयान पर भी राजनीतिक और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
बिजनौर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान और युवाओं के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
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Published on: 01 Jun 2026 06:00 pm

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