लखनऊ, Jun 01, 2026

Om Prakash Rajbhar Surya Murder Case: सूर्या हत्याकांड में राजभर का पलटवार, सपा पर अपराधियों के बचाव का आरोप (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
Surya Murder Case Political Controversy: गाजियाबाद के चर्चित सूर्या हत्याकांड को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सपा के PDA फार्मूले पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब इसका मतलब “पीट देगा अल्पसंख्यक” हो गया है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले लोग अपराधियों का बचाव कर रहे हैं।
राजभर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में हुए सूर्या हत्याकांड के बाद पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इस घटना के मुख्य आरोपी असद के खिलाफ प्रशासन ने अब बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि बकरीद के दिन असद ने 17 वर्षीय सूर्या चौहान की हत्या कर सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर फक्र जाहिर किया था। लेकिन जब पुलिस ने कार्रवाई की तो समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता “रुदाली गान” करने लगे।
राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल करते हुए कहा कि आखिर उन्हें कैसी कानून व्यवस्था चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई होगी तो क्या विपक्ष उसे भी गलत बताएगा? राजभर ने अपने बयान में तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि “थोड़ा तो शर्म कर लो।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। राजभर ने यह भी कहा कि सूर्या अभी केवल 17 साल का था और उसकी जिंदगी शुरू ही हुई थी। ऐसे में आरोपी के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीति करना गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त नीति पर काम कर रही है और इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
समाजवादी पार्टी लगातार PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को लेकर राजनीति करती रही है। इसी मुद्दे को लेकर ओमप्रकाश राजभर ने सपा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब PDA का मतलब “पीट देगा अल्पसंख्यक” या “पीट देगा अहीर” जैसी मानसिकता हो गई है।
राजभर के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। बीजेपी और सहयोगी दलों के नेताओं ने इसे कानून व्यवस्था के समर्थन में दिया गया बयान बताया, जबकि विपक्षी दलों ने इसे समाज को बांटने वाली राजनीति करार दिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुका है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में कानून व्यवस्था हमेशा बड़ा मुद्दा रही है और ऐसे मामलों में नेताओं के बयान राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करते हैं।
गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 28 मई को बकरीद के दिन यह सनसनीखेज वारदात हुई थी। पुलिस के अनुसार रोड रेज को लेकर सूर्या चौहान और असद के बीच विवाद हुआ था। मामूली कहासुनी के बाद मामला हिंसक हो गया और असद ने अपने साथियों के साथ मिलकर सूर्या पर हमला कर दिया। आरोप है कि सूर्या के पेट में चाकू घोंपा गया, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान अगले दिन उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी असद के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें वह घटना का जिक्र करते हुए खुद को “बहादुर” साबित करने की कोशिश करता दिखाई दिया। इन वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा और बढ़ गया।
घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी असद की तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक आरोपी को पकड़ने के दौरान मुठभेड़ हुई, जिसमें असद घायल हो गया। इस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए, जबकि सरकार और बीजेपी नेताओं ने पुलिस का समर्थन किया।
ओमप्रकाश राजभर ने इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को घेरते हुए कहा कि जब अपराधी खुलेआम हत्या कर वीडियो वायरल करता है, तब विपक्ष चुप रहता है, लेकिन पुलिस कार्रवाई होते ही कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने लगते हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है और सरकार किसी भी अपराधी को बख्शने वाली नहीं है। राजभर ने कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को जाति और धर्म के नजरिए से नहीं देखना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच गाजियाबाद प्रशासन ने मुख्य आरोपी असद के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। खोड़ा के नवनीत विहार स्थित उसके घर पर प्रशासन की ओर से नोटिस चस्पा किया गया है। नायब तहसीलदार की मौजूदगी में ढोल बजाकर नोटिस दिया गया, जिसमें 15 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर अवैध निर्माण को बुलडोजर से गिरा दिया जाएगा।यह कार्रवाई भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है। बीजेपी नेताओं ने इसे कानून के तहत कार्रवाई बताया, जबकि विपक्ष ने बुलडोजर नीति पर सवाल उठाए हैं।
सूर्या हत्याकांड के बाद उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गया है। बीजेपी और उसके सहयोगी दल इसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि विपक्ष पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर नीति पर सवाल खड़े कर रहा है।
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि इसमें कानून व्यवस्था, बुलडोजर कार्रवाई और राजनीतिक बयानबाजी तीनों शामिल हो चुके हैं।गाजियाबाद की यह घटना अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रही, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा सियासी मुद्दा बन चुकी है। जनता की नजर अब पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और नेताओं की राजनीति तीनों पर टिकी हुई है।
Updated on: 01 Jun 2026 04:19 pm

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