Lucknow Airport Emergency Landing: बेंगलुरु से दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट में बुजुर्ग यात्री को हार्ट अटैक आने पर विमान की लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, समय पर इलाज से जान बची।
Lucknow Airport Emergency Landing: बेंगलुरु से दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट संख्या AI-2418 में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब उड़ान के दौरान एक बुजुर्ग यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई। देखते ही देखते यात्री को सीने में तेज दर्द उठा और हालत गंभीर होने लगी। विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स के बीच चिंता फैल गई। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए फ्लाइट के पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क कर मेडिकल इमरजेंसी घोषित कर दी। इसके बाद विमान को तत्काल लखनऊ एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया, जहां रात करीब 10:15 बजे सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
इस पूरी घटना ने विमान में मौजूद 128 यात्रियों की सांसें थाम दी थीं, लेकिन समय रहते लिए गए फैसले और प्रशासन की मुस्तैदी ने एक जिंदगी बचा ली। एयरपोर्ट पर पहले से तैयार डॉक्टरों और एम्बुलेंस टीम ने विमान उतरते ही बुजुर्ग यात्री को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया, जिसके बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उड़ान सामान्य रूप से चल रही थी। यात्री आराम से अपनी सीटों पर बैठे थे और विमान दिल्ली की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान एक बुजुर्ग यात्री ने अचानक बेचैनी महसूस की। कुछ ही मिनटों में उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। बताया जा रहा है कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी और सीने में तेज दर्द उठा।
विमान में मौजूद केबिन क्रू ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की। यात्रियों से पूछा गया कि क्या विमान में कोई डॉक्टर मौजूद है। कुछ यात्रियों ने भी मदद के लिए आगे आकर सहयोग किया। प्राथमिक जांच में हार्ट अटैक की आशंका जताई गई, जिसके बाद हालात बेहद गंभीर माने गए। क्रू मेंबर्स ने तुरंत पायलट को पूरी जानकारी दी। पायलट ने बिना समय गंवाए एटीसी से संपर्क कर मेडिकल इमरजेंसी घोषित कर दी। इसके बाद विमान को सबसे नजदीकी सुरक्षित एयरपोर्ट लखनऊ की ओर मोड़ने का निर्णय लिया गया।
मेडिकल इमरजेंसी की सूचना मिलते ही लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल पूरी तरह सक्रिय हो गया। एटीसी अधिकारियों ने तुरंत विमान को प्राथमिकता देते हुए एयर ट्रैफिक क्लियर कराया ताकि फ्लाइट बिना किसी देरी के उतर सके।
सूत्रों के मुताबिक जैसे ही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट AI-2418 को लखनऊ डायवर्ट किए जाने की सूचना मिली, एयरपोर्ट प्रशासन ने मेडिकल टीम, एम्बुलेंस और सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट कर दिया। एयरपोर्ट पर सभी जरूरी इंतजाम कुछ ही मिनटों में पूरे कर लिए गए। रात करीब 10:15 बजे विमान ने लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग की। विमान के रनवे पर उतरते ही मेडिकल टीम तुरंत अंदर पहुंची और बुजुर्ग यात्री को प्राथमिक उपचार देना शुरू कर दिया। डॉक्टरों ने समय पर इलाज देकर उनकी जान बचा ली।
विमान में मौजूद यात्रियों के लिए यह अनुभव बेहद तनावपूर्ण रहा। कई यात्रियों ने बताया कि कुछ समय के लिए माहौल इतना गंभीर हो गया था कि सभी लोग दुआएं करने लगे थे। बुजुर्ग यात्री की हालत देखकर लोग घबरा गए थे, लेकिन क्रू मेंबर्स ने पूरे धैर्य और समझदारी के साथ स्थिति को संभाला।
राहुल (यात्री ) ने बताया कि पायलट और क्रू की सूझबूझ ने सभी का भरोसा जीत लिया। जैसे ही घोषणा हुई कि विमान लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग करेगा, यात्रियों ने सहयोग किया और शांत बने रहे। विमान के सुरक्षित उतरने और यात्री की हालत स्थिर होने की खबर मिलते ही सभी ने राहत की सांस ली। कई यात्रियों ने एयरपोर्ट प्रशासन, डॉक्टरों और एटीसी टीम की सराहना की।
लखनऊ एयरपोर्ट प्रशासन की त्वरित कार्रवाई इस पूरी घटना में सबसे अहम साबित हुई। जैसे ही इमरजेंसी की सूचना मिली, एयरपोर्ट पर डॉक्टरों की टीम को रनवे के पास तैनात कर दिया गया। एम्बुलेंस और मेडिकल उपकरण पहले से तैयार रखे गए थे ताकि विमान उतरते ही तुरंत इलाज शुरू किया जा सके। डॉक्टरों के अनुसार यदि कुछ मिनट और देरी हो जाती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। समय पर चिकित्सा मिलने के कारण बुजुर्ग यात्री की हालत नियंत्रण में आ गई। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि विमानन क्षेत्र में इमरजेंसी प्रबंधन कितना महत्वपूर्ण होता है। उड़ान के दौरान किसी यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ना बेहद चुनौतीपूर्ण स्थिति होती है, क्योंकि आसमान में सीमित संसाधनों के बीच तत्काल फैसला लेना पड़ता है। हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर आलोक कुमार का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में पायलट, केबिन क्रू, एटीसी और मेडिकल टीम के बीच तेज समन्वय ही किसी की जान बचा सकता है। एयर इंडिया एक्सप्रेस की इस फ्लाइट में सभी एजेंसियों ने जिस तेजी और जिम्मेदारी से काम किया, वह एक मिसाल माना जा रहा है।
इस पूरी घटना ने यह भी दिखाया कि संकट की घड़ी में इंसानियत और सहयोग कितनी बड़ी ताकत बन जाती है। विमान में मौजूद यात्रियों ने भी संयम बनाए रखा और मेडिकल सहायता में सहयोग किया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग एयरलाइन और लखनऊ एयरपोर्ट प्रशासन की तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे “समय पर लिया गया सही फैसला” बताया। फिलहाल बुजुर्ग यात्री की हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। वहीं इस घटना ने यात्रियों के मन में यह भरोसा और मजबूत कर दिया कि आपातकालीन परिस्थितियों में भारतीय विमानन सेवाएं तेजी से कार्रवाई करने में सक्षम हैं।