लखनऊ, May 29, 2026

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Supreme Court order regarding TET exam: सुप्रीम कोर्ट ने TET पास करने की लाइन में लगे शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। इसके लिए अब 1 साल की सीमा बढ़ा दी गई है। पहले यह सीमा 31 अगस्त 2027 निश्चित की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षकों को राहत मिली है। इस संबंध में शिक्षक संगठनों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसमें उन्होंने मांग की गई थी कि 2009 के पहले नियुक्त शिक्षकों को अनिवार्य टेट की शर्त से बाहर रखा जाए। शिक्षकों की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
देशभर के शिक्षक संगठनों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसमें शिक्षक संगठनों ने मांग की थी कि 2009 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से बाहर किया जाए। किसी को लेकर देशभर में विरोध हो रहा था। उत्तर प्रदेश के शिक्षकों ने दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ा प्रदर्शन किया था। जिसमें करीब 30000 शिक्षकों ने टेट के खिलाफ बयानबाजी की थी। इस संबंध में शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने 2009 के पहले के शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से बाहर रखने की शर्त को मानने से इनकार कर दिया। कोर्टने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पूर्ण शिक्षा मिले, यह भी जरूरी है। शिक्षकों को केवल अपनी नौकरी बचाने के विषय में नहीं सोचना चाहिए। इस पर भी ध्यान देना चाहिए कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो। इसके साथ ही टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पास करने के लिए 1 साल का समय अतिरिक्त दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 31 अगस्त 2027 की जगह अब 31 अगस्त 2018 तक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट को पास करना होगा।
कोर्ट के फैसले के संबंध में जूनियर शिक्षक संघ ने प्रतिक्रिया दी है। संघ के जिलाध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने यदि यह आदेश दिया है तो 20 लाख शिक्षकों के मौलिक अधिकारों के खिलाफ दिया है। भारत सरकार से अपेक्षा है कि विधेयक लाकर इसमें परिवर्तन करें। जिससे 20 लाख शिक्षकों से जुड़े करोड़ों लोगों को राहत मिले।
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Published on: 29 May 2026 06:35 pm

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