लखनऊ, May 29, 2026

100 किमी रफ्तार तूफान से यूपी में हड़कंप, लखनऊ समेत कई जिलों में हाई अलर्ट (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
UP Cyclone Alert: उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा रौद्र रूप धारण कर लिया है कि पूरे प्रदेश में दहशत और बेचैनी का माहौल बन गया है। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ द्वारा जारी ताजा चेतावनी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। विभाग ने साफ कहा है कि 29 मई की सुबह से लेकर 30 मई की सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और तूफान चल सकता है, जिसकी गति कुछ इलाकों में 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। इसके साथ ही भारी बारिश, ओलावृष्टि, मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है।
बीते दिन आए तेज तूफान ने राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में भारी तबाही मचाई। चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार और पांच पर लगा टिन शेड तेज हवा के दबाव में अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में दो लोगों के घायल होने की सूचना मिली है। स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। राहत की बात यह रही कि बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने यह साफ कर दिया कि आने वाला तूफान कितना खतरनाक साबित हो सकता है।
गुरुवार शाम से ही प्रदेश के कई जिलों में मौसम का मिजाज तेजी से बदला। आसमान में घने काले बादल छा गए और अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कई जगह पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर पड़े और सड़कों पर यातायात प्रभावित हो गया। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण यह स्थिति बनी है।
विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील हैं और लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचना चाहिए। खासकर खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से खतरा बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, कानपुर, लखनऊ, आगरा, इटावा, बिजनौर, मुरादाबाद और मेरठ समेत आसपास के जिलों में तेज तूफान की चेतावनी दी गई है। विभाग का अनुमान है कि इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
इसके अलावा वाराणसी, गोंडा, श्रावस्ती, बरेली और पीलीभीत जैसे क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। खेतों में खड़ी फसलें इस मौसम की मार से बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। किसानों के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दे रही है क्योंकि तेज हवा और ओले फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
मौसम विभाग ने प्रदेश के लगभग सभी जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और आसपास के इलाकों में बिजली गिरने की आशंका अधिक बताई गई है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि गरज-चमक के दौरान मोबाइल फोन का कम इस्तेमाल करें और बिजली के उपकरणों से दूरी बनाकर रखें। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन को पहले ही अलर्ट मोड पर रखा गया है। नगर निगम और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें संवेदनशील इलाकों में निगरानी कर रही हैं। बारिश के कारण शहरों में जलभराव की स्थिति बनने की संभावना है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कई जिलों में स्कूलों को भी सतर्क कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को 24 घंटे तैयार रहने को कहा गया है। कई जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। रेलवे प्रशासन ने भी यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है। चारबाग स्टेशन की घटना के बाद रेलवे ने सभी प्लेटफार्मों और शेडों की जांच शुरू कर दी है।
मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि यह तूफान सामान्य नहीं है और इसकी तीव्रता काफी अधिक हो सकती है। लोगों से अपील की गई है कि मौसम खराब होने पर घरों में ही रहें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। तेज हवा के दौरान पेड़ों, होर्डिंग्स और कमजोर निर्माणों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, यदि सावधानी बरती जाए तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। आने वाले 24 घंटे पूरे प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। प्रदेशभर में लोग अब आसमान की ओर टकटकी लगाए मौसम के अगले रुख का इंतजार कर रहे हैं। तेज हवाओं, बारिश और गरजते बादलों के बीच डर और सतर्कता दोनों का माहौल बना हुआ है।
Published on: 29 May 2026 03:42 pm


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