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हाथरस में बेटे की मौत का सदमा नहीं सह पाई मां, 2 घंटे में दोनों ने तोड़ा दम; एक साथ उठीं अर्थियां, गांव में पसरा मातम

Hathras News: हाथरस में एक दिल दहला देने वाली घटना में बेटे की मौत का सदमा मां सह नहीं पाईं। 2 घंटे के भीतर दोनों की हार्टअटैक से मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

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हाथरस में बेटे की मौत का सदमा नहीं सह पाई मां | AI Generated Image

Mother Son Death Hathras: हाथरस जिले के सादाबाद थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव से एक बेहद मार्मिक और रुला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 41 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार को मंगलवार शाम अचानक सीने में तेज दर्द उठा। शुरुआत में परिवार को सामान्य समस्या लगी, लेकिन देखते ही देखते उनकी हालत बिगड़ती चली गई और वह बेहोश हो गए।

अस्पताल पहुंचते ही टूट गई उम्मीदें

परिवार के लोग आनन-फानन में उन्हें सादाबाद सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज शुरू हुआ, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद शाम करीब 7:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

घर पहुंचा शव, मां का रो-रोकर बुरा हाल

करीब 8:30 बजे जब राजकुमार का शव घर पहुंचा, तो उनकी 72 वर्षीय मां राजमती देवी खुद को संभाल नहीं पाईं। बेटे का शव देखते ही वह फूट-फूटकर रोने लगीं। परिवार और रिश्तेदार उन्हें संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनका दुख कम होने के बजाय और बढ़ता गया।

सदमे ने छीनी मां की भी जान

लगातार रोने और गहरे मानसिक आघात के कारण रात करीब 9:20 बजे राजमती देवी को भी सीने में तेज दर्द शुरू हुआ। उनकी हालत अचानक बिगड़ने पर परिवार के लोग उन्हें तुरंत सीएचसी ले गए। वहां से डॉक्टरों ने आगरा रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।

डॉक्टरों ने बताया हार्टअटैक का कारण

डॉक्टरों के अनुसार, दोनों मां-बेटे की मौत हार्टअटैक के कारण हुई। बेटे की अचानक मौत का गहरा सदमा मां के दिल पर इतना भारी पड़ा कि वह इसे सहन नहीं कर सकीं और उनकी भी जान चली गई।

परिवार के मुखिया नत्थीलाल करीब 9 साल पहले यूपी पुलिस से दरोगा पद से रिटायर हुए थे। उनके तीन बेटे हैं राजकुमार, रमेश चंद्र और श्याम। रमेश चंद्र जल निगम में इंजीनियर हैं, जबकि श्याम ईंट-भट्ठों पर ट्रैक्टर से काम करते हैं। मृतक राजकुमार प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। उनकी पत्नी नीतू देवी और दो बेटे यश कुमार और शिवम कुमार हैं।

एक साथ उठीं अर्थियां, गांव में पसरा मातम

बुधवार सुबह जब मां और बेटे की अर्थियां एक साथ घर से निकलीं, तो पूरे गांव में मातम छा गया। घर में चीख-पुकार मच गई और हर किसी की आंखें नम हो गईं। गांव के लोग भी इस दर्दनाक दृश्य को देखकर खुद को रोक नहीं पाए।

एक ही चिता पर अंतिम विदाई का दृश्य

गांव के मोक्ष धाम श्मशान घाट पर मां-बेटे का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। पति नत्थीलाल ने पत्नी को मुखाग्नि दी, जबकि राजकुमार को उनके बेटे यश कुमार ने अंतिम विदाई दी। यह दृश्य इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

पूरा गांव गम में डूबा

इस घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे शेरपुर गांव को गहरे दुख में डुबो दिया। हर कोई यही कहता नजर आया कि ऐसा दर्दनाक मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। मां-बेटे के इस अटूट रिश्ते की दर्दनाक परिणति ने सभी को झकझोर कर रख दिया।