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कौन हैं रजनीश अग्रवाल जो दिल्ली नहीं गए, फिर भी बन गए राज्यसभा उम्मीदवार

Who is Rajneesh Agrawal- मध्यप्रदेश की राजनीति में पर्दे के पीछे काम करने वाले रजनीश अग्रवाल को लोग 'चाणक्य' भी कहते हैं...। पहली प्रतिक्रिया देते हुए भावुक हो गए रजनीश...।

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BJP Rajya Sabha Candidate MP- मध्यप्रदेश भाजपा के रजनीश अग्रवाल को भाजपा ने बनाया राज्यसभा उम्मीदवार। (फोटो रजनीश अग्रवाल फेसबुक पेज)

BJP Rajya Sabha Candidate 2026-मध्यप्रदेश से राज्यसभा के उम्मीदवारों में भाजपा के रजनीश अग्रवाल (Rajneesh Agrawal) भी हैं। उनके लिए यह भावुक पल है। जब उनसे पूछा गया कि पहली सूचना कैसे और कहां मिली, तो उन्होंने कहा कि मैं घर पर ही था, जब यह खबर मुझे मिली। ऐसा तो भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व ही कर सकता है। एक कार्यकर्ता के कामों को राष्ट्रीय नेतृत्व देखता है। यह कहते-कहते रजनीश अग्रवाल भावुक हो गए और उनकी आंखें छलक आईं।

राज्यसभा के उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल ने पत्रिका.कॉम से बातचीत में अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। अग्रवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी है और वो हर कार्यकर्ता को समान नजरिए से देखती है। मुझ जैसे कार्यकर्ता पर भी भाजपा के देवतुल्य नेतृत्व ने भरोसा जताया है। मैं उनका बहुत-बहुत आभारी हूं। फिलहाल नामांकन की प्रक्रिया शुरू करने वाला हूं। भविष्य की प्लानिंग के लिए कहा कि मैं पार्टी का सिपाही हूं, और पार्टी के आदेशों का अक्षरशः पालन करूंगा।

मेरे काम को सराहा

भाजपा के कई पदों पर रहने वाले एवं प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल को अचानक राज्यसभा उम्मीदवार बनाया जाना सभी को हैरान कर गया। गुरुवार रात को जब दिल्ली से सूची जारी हुई तो रजनीश अग्रवाल के लिए यह भावुक पल था। राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने के बाद रजनीश अग्रवाल ने भावुक होकर कहा कि न मैं दिल्ली गया, न मैं किसी बड़े नेता से मिला। मैं कोई कार्यालय भी नहीं गया, लेकिन मेरे काम को राष्ट्रीय नेतृत्व ने सराहा है। उन्होंने कहा कि मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था। लेकिन, यह सिर्फ हमारी पार्टी में ही संभव है।

कौन हैं रजनीश अग्रवाल

मध्यप्रदेश के सागर जिले से रजनीश अग्रवाल का नाता है। वे मंडी बामोरा के निवासी हैं। 2 अप्रैल 1976 को जन्मे रजनीश ने 12 साल की उम्र में 1988 में ही आरएसएस का हाथ थाम लिया था। डॉ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की भी पढ़ाई की है। वे एबीवीपी से जुड़े और छात्र राजनीति में सक्रिय हो गए। जमीन से जुड़े नेता माने जाने वाले रजनीश अग्रवाल संगठन के कई पदों पर रहे। प्रदेश मंत्री, प्रदेश महामंत्री और बूथ प्रबंधन प्रभारी जिम्मेदारी भी उन्होंने निभाई। युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य भी रहे। वे भाजपा की मैग्जिन 'चरैवेति' के सह-संपादक के रूप में भी काम करने लगे। प्रखर प्रवक्ता के रूप में पहचान बना चुके रजनीश अग्रवाल ने बूथ लेवल से प्रदेश स्तर तक कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। कुछ लोग उन्हें 'चाणक्य' भी कहते हैं क्योंकि वे पर्दे के पीछे रहकर अपनी भूमिका सक्रिय रूप से निभाते रहे हैं। अब उनकी आवाज राज्यसभा में गूंजेगी।

नितिन नबीन के साथ भी किया काम

खास बात यह है कि जब रजनीश अग्रवाल युवा मोर्चा में थे, तो नितिन नबीन भी युवा मोर्चा में काम करते थे। एक प्रसंग भी सामने आता है कि जब 2011 में रजनीश अग्रवाल की शादी हुई थी तो नितिन नबीन शादी में शामिल हुए थे। तब रजनीश अग्रवाल ने नितिन नबीन से कहा था कि आपको मुझे घोड़ी पर चढ़ाने के लिए आना पड़ेगा। हुआ भी वैसा ही, रजनीश अग्रवाल की शादी में नितिन नबीन शामिल हुए और उन्हें घोड़ी पर भी बैठाया। उस दौर की तस्वीरें भी अब वायरल हो रही हैं।