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ट्विशा केस : कस्टडी में जापानी मर्डर मिस्ट्री पढ़ रहा समर्थ, उपन्यास का विलेन कोर्ट से छूट जाता है!

Twisha Case : ट्विशा शर्मा डेथ मिस्ट्री को लेकर सीबीआई रिमांड पर चल रहा आरोपी पति समर्थ सिंह कस्टडी में एक खास जापानी मर्डर मिस्ट्री बेस्ड उपन्यास 'बटर' पढ़ रहा है। कानूनी जानकार होने के बावजूद कस्टडी में उसका ये 'क्राइम लिटरेचर' पढ़ना और किताब का अजीब क्लाइमेक्स जांच टीम के बीच चर्चा में है।

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कस्टडी में जापानी मर्डर मिस्ट्री पढ़ रहा समर्थ सिंह (Photo Source- Patrika)

Twisha Case Bhopal : देशभर के सबसे चर्चित हो चुके मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुए ट्विशा शर्मा मौत के मामले में सीबीआई जांच जारी है। इधर, ट्विशा की सास गिरिबाला और पति समर्थ सिंह भी सीबीआई रिमांड पर हैं। इसी कस्टडी के दौरान एक नया ट्विस्ट सामने आया है, जो जांच अधिकारियों के बीच भी खासा चर्चा का विषय बना हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, सीबीआई हिरासत के दौरान ट्विशा का पति जापानी लेखिका आसाको युजुकी की चर्चित क्राइम थ्रिलर पर बेस्ड फेमस मर्डर मिस्ट्री की उपन्यास पढ़ रहा है। बता दें कि, पहले पुलिस और अब सीबीआई ने भी कस्टडी के दौरान उसे फ्री टाइम में किताबें पढ़ने की अनुमति दे दी है।

राजधानी की बहुचर्चित ट्विशा शर्मा डेथ मिस्ट्री की जांच से ज्यादा चर्चा अब आरोपी समर्थ सिंह द्वारा पढ़ी जा रही किताब की होने लगी है। सीबीआई कस्टडी में समर्थ जिस जापानी उपन्यास 'बटर' को पढ़ रहा है, उसकी कहानी भी हत्या के आरोप, मनोवैज्ञानिक परतों और कानूनी लड़ाई के इर्द-गिर्द घूमती है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि, क्या ये महज समर्थ की एक पसंदीदा क्राइम थ्रिलर है या अपराध और न्याय व्यवस्था को समझने की उसकी पुरानी रुचि का हिस्सा है। फिलहाल, आरोपी समर्थ सीबीआई की 5 दिन की रिमांड पर है।

'बटर' उपन्यास और समर्थ का कनेक्शन ?

दरअसल, समर्थ सिंह ने हिरासत के दौरान फ्री टाइम में किताबें पढञने की इच्छा जताई थी। इसी इच्छा के आधार पर सीबीआई ने उसे किताब पढ़ने की अनुमति दे दी है। इसी के चलते 22 मई की गिरफ्तारी के बाद से ही वो लगातार जापानी लेखिका आसाको युजुकी का चर्चित क्राइम-थ्रिलर उपन्यास 'बटर' पढ़ रहा है। सूत्रों का कहना है कि, अबतक वो आधे से ज्यादा किताब पढ़ भी चुका है।

उपन्यास की कहानी का विलेन बरी हो जाता है!

'बटर' उपन्यास की कहानी हत्या के आरोप और मनोवैज्ञानिक रहस्यों पर आधारित है, जिसकी सबसे चौंकाने वाली और पेचीदा बात ये है कि, इस कहानी का मुख्य आरोपी पात्र तमाम कड़ियों के बावजूद अंत में अदालत से निर्दोष साबित होकर बरी हो जाता है। खुद कानून का जानकार होने के नाते, समर्थ का ऐसे समय में ये किताब पढ़ना उसके 'माइंडसेट' को दर्शा रहा है।

सीरियल किलिंग से प्रेरित है उपन्यास

बता दें कि, 'बटर' उपन्यास जापान की एक सच्ची 'कॉपीकैट किलर' की घटना पर आधारित बताई जा रही है। इसमें एक महिला कुकिंग एक्सपर्ट पर अमीर पुरुषों को लजीज खाने और इमोशनल जाल में फंसाकर जहर देकर मारने का आरोप होता है।

क्या खुद को बचाने की 'स्क्रिप्ट' समझ रहा है समर्थ?

आपको बता दें कि, ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बद परिवार ने समर्थ और उसकी मां पर दहेज प्रताड़ना और हत्या जैसे संगी आरोप लगाए हैं। ऐसे गंभीर माहौल में, जहां सीबीआई लगातार पूछताछ कर रही है, समर्थ का झुकाव अपराध और मनोविज्ञान से जुड़ी पेचीदा मर्डर मिस्ट्री की तरफ होना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है। इसमें पहला सवाल है कि, क्या समर्थ इस किताब के जरिए जेल और अदालत के मनोवैज्ञानिक दबाव से निपटने का तरीका तलाश रहा है? दूसरा सवाल ये कि, क्या समर्थ इस मर्डर मिस्ट्री के जरिए जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली और कानूनी कमियों को समझने का प्रयास कर रहा है?

हर एंगल पर बारीकी से जांच कर रही CBI

नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की भोपाल में शादी हुई थी। दावा है कि, बीती 12 मई को ट्विशा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ससुराल वाले घर में हुई संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब ट्विशा के घर वालों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या होने का दावा किया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में घिरी पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनका बेटा समर्थ सिंह फिलहाल 5 दिन की सीबीआई रिमांड में हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि समर्थ को सालों से न्याय व्यवस्था और क्राइम साइकोलॉजी से जुड़ी किताबें पढ़ने का शौक रखता है, लेकिन मौजूदा हालातों में 'बटर' उपन्यास की टाइमिंग ने इस केस में एक नया सस्पेंस क्रिएट कर दिया है।