MP Government Big Decision: मध्य प्रदेश सरकार 5 साल में खर्च करेगी 21 हजार 485 करोड़ रुपए, 17 हजार 59 करोड़ रुपए से मिलेगी स्वास्थ्य सेवाएं, किसानों को भी दी खुशखबरी
MP Government Big Decision: जनता की सहूलियत के कामों पर सरकार 21 हजार 485 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यह राशि अगले 5 साल में खर्च होगी। सबसे ज्यादा 17 हजार 59 करोड़ रुपए स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च होंगे। धार स्थित भोजशाला में सरस्वती लोक बनाया जाएगा। भोज शोध संस्थान की स्थापना भी होगी। यहां पूर्व के वर्षों में भोजशाला आंदोलन में जान गंवाने वालों के परिजनों को आर्थिक मदद दी जाएगी।
किसानों द्वारा कुल पैदा की जाने वाली गर्मी की मूंग का 25 फीसद हिस्सा खरीदा जाएगा। जबकि उड़द के एक-एक दाने की खरीदी होगी। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 21 हजार 485 करोड़ की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता को मंजूरी दे दी है। जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाकी के विषयों की मंत्रियों को बैठक से पहले ब्रीफिंग में जानकारी दी।
संघ के 100 वर्ष फिल्म को एसजीएसटी से छूट दिए जाने व बरगी बांध में हुए भीषण हादसे की न्यायिक जांच कराए जाने संबंधी निर्णय का अनुसमर्थन किया। जबकि मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश-2026 और मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश-2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया है।
-मेडिकल कॉलेजों के लिए चिकित्सालय योजना को 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया। इस पर 14,363.95 करोड़ खर्च होंगे। यह राशि लोगों को निशुल्क गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा देने और चिकित्सा के लिए मानव संसाधन विकसित किए जाने पर खर्च होगी।
-मेडिकल कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रम को मजबूत बनाया जाएगा। इसके लिए 657 करोड़ की मंजूरी मिली। मेडिकल कॉलेजों में केंद्र के आर्थिक सहयोग से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मापदंडों के अनुरूप अतिरिक्त अधोसंरचना का निर्माण, नवीन मशीनें एवं उपकरणों के प्रतिस्थापन के फलस्वरूप अतिरिक्त स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सीटों में बढ़ोतरी होगी।
-उज्जैन ,सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में बनाए जा रहे नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण से संबंधित योजना के लिए 1200 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली।
-एमबीबीएस की सीट बढ़ाने संबंधी योजना के लिए 838 करोड़ रुपए मिले। इस राशि से मेडिकल कॉलेजों में अधोसंरचना निर्माण, आधुनिक उपकरणों की स्थापना, पठनपाठन एवं महाविद्यालयीन गतिविधियों शुरू की जाएंगी।
-इंदौर के पिपल्याहाना में जिला न्यायालय भवन के लिए पुनरीक्षित लागत 626 करोड़ 61 लाख रुपए को स्वीकृति दी।