
भिवाड़ी. उत्तरप्रदेश का एक युवक भिवाड़ी के पुलिस थाने में पहुंचा और बोला- मैं आइपीएस अधिकारी सौरभ तोमर हूं। मेरे लिए किसी अच्छे से होटल में तुरंत रूम बुक कराओ, रात को ठहरना है। शक होने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह युवक फर्जी आइपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) का अधिकारी बन कर सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों पर रौब झाड़ता था। टोल टैक्स एवं अन्य सरकारी-निजी सेवाओं का गलत फायदा उठाता था। आरोपी का नाम सौरभ तोमर है। पेशे से यह सॉफ्टवेयर डवलपर है और उत्तरप्रदेश के बागपत जिले के कांडेरा रमाला गांव निवासी है। पुलिस ने इसके कब्जे से एक कार, एआइजी व एसपीजी का फर्जी परिचय पत्र (आइ कार्ड) तथा एक डमी वायरलेस हैंडसेट जब्त किया है।
गाड़ी में मिले निजी कंपनी के परिचय पत्र, पासपोर्ट व आधार कार्ड ने खोली पोल: थानाधिकारी सचिन शर्मा ने बताया कि 16 जनवरी को हेड कांस्टेबल सुनील कुमार डीओ ड्यूटी पर तैनात था। उसी दौरान रात्रि साढ़े नौ बजे एक युवक थाने पहुंचा, जिसने कार्गो पेंट में वायरलेस हैंडसेट टांगा हुआ था।
युवक ने अपना परिचय सौरभ तोमर आइपीएस राजस्थान कैडर बताया। वर्तमान में एसपीजी में डेपुटेशन पर असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल रैंक बताया। राजकार्य में भिवाड़ी आना बताया, रात्रि होने की वजह से विश्राम के लिए होटल में कमरा बुक कराकर रुकवाने के लिए कहा। उसने हेड कांस्टेबल से गाड़ी से सामान उतारने को कहा। गाड़ी में सामान बिखरा हुआ था, जिसमें एक निजी कंपनी का परिचय पत्र था, जो कि सौरभ तोमर का था, उसमें को-फाउंडर और सीटीओ लिखा था और मोबाइल नंबर लिखा हुआ था। गाड़ी में सौरभ का आधार कार्ड, पासपोर्ट, बैंक पासबुक मिली। सभी दस्तावेज में घर का अलग-अलग पता मिला। गाड़ी में केबल, लैपटॉप और अन्य सामान बिखरा होने पर उक्त युवक के आइपीएस अधिकारी होने पर पुलिस को शक हो गया।
Published on:
18 Jan 2026 12:27 am
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