
Ahmedabad. अहमदाबाद महानगर पालिका (मनपा) ने एक अनूठी और संवेदनशील पहल की है। मनपा ने शहर में गुजरात में पहली बार सीएनजी आधारित डॉग क्रिमेटोरियम (श्वान शवदाहगृह) की शुरुआत की। विशेष बात यह है कि पूरे देश में किसी भी नगर निगम की ओर से संचालित सीएनजी आधारित यह पहला डॉग क्रिमेटोरियम (श्वान शवदाहगृह) है।
शहर के बहेरामपुरा क्षेत्र में जमालपुर चार रास्ता से खोडियारनगर चार रास्ता रोड सुएज पंपिंग स्टेशन के कैंपस के पास स्थित सीएनसीडी एबीसी सेंटर में 30 लाख की लागत से यह आधुनिक श्वान शवदाहगृह तैयार किया गया है। इसमें एक साथ तीन श्वानों के अंतिम संस्कार की सुविधा है। मशीन में प्राइमरी और सेकेंडरी चेंबर होने से दहन प्रक्रिया के दौरान धुआं, दुर्गंध या रंग बाहर नहीं निकलता। यह पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल है। सामान्यतः 800 से 900 डिग्री सेल्सियस तापमान पर दहन होता है और एक श्वान के अंतिम संस्कार पर लगभग 700 रुपए का खर्च आता है।
भारत सरकार के एबीसी रूल्स 2023 व एनएपीआरई 2030 के तहत आवारा श्वानों के टीकाकरण, नसबंदी, पंजीकरण, बीमार श्वानों के उपचार एवं तय स्थानों पर खाने की व्यवस्था के साथ सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार की व्यवस्था की बात कही है। उसी दिशा में अहमदाबाद मनपा ने यह पहल की है।
मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए यहां सीसीटीवी कैमरे की भी सुविधा दी गई है, जिससे मालिक घर बैठे भी उनके दिल के करीब के श्वान के अंतिम संस्कार देख सकेंगे। छह लोगों के बैठने की व्यवस्था भी है। संस्कार के बाद राख को लाल कपड़े में लपेटकर मिट्टी के पात्र में मालिक को सौंपा जाता है। मनपा ने यह व्यवस्था इसलिए की है ताकि मृत श्वान को जमीन में दफनाने से होने वाले प्रदूषण और संक्रमण के खतरे से बचा जा सके। श्वान में पाए जाने वाले केनाइन डिस्टेम्पर जैसे वायरस इस प्रक्रिया से नष्ट हो जाते हैं।
शहर में फिलहाल 16,843 श्वान मालिकों की ओर से 19,162 पालतू श्वानों का मनपा में पंजीकरण कराया गया है। इन्हीं की सुविधा के लिए यह परियोजना शुरू की गई है।दो और श्वान शवदाहगृह की योजना
भविष्य में मांग को देखते हुए मनपा दो और श्वान शवदाहगृह स्थापित करने की योजना बना रही है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि पालतू जानवरों को सम्मानजनक विदाई देने का मानवीय प्रयास भी है।
मनपा ने इस श्वान शवदाहगृह में श्वान के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। पालतू श्वान की मौत होने पर श्वान मालिक को मनपा की ओर से घोषित 155303 नंबर पर फोन कर जानकारी देनी होगी। पालतू श्वान की पंजीकरण की रसीद भेजनी होगी। इस पर विभाग की अंतिम धाम जीव सेवा रथ, फूल, पूजा सामग्री के साथ मृत श्वान को स्थल पर मालिक की विधिवत मुलाकात लेकर मालिक के घर से पूजा विधि करने के बाद सम्मान पूर्वक शवदाहगृह लेकर पहुंचेगी। मालिक चाहे तो श्वान के अंतिम संस्कार विधि में मौजूद रह सकता है।यदि श्वान का पंजीकरण न हुआ हो तो ऐसे श्वान मालिक के लिए ऑनलाइन पंजीकरण, श्वान सेवा डोनेशन करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। श्वान मालिक के लिए फोटो अथवा वीडियो एवं पालतू श्वान के मृत्यु प्रमाण पत्र और वार्षिक पुण्यतिथि के लिए संदेश की व्यवस्था भी की गई है।
Published on:
09 Feb 2026 09:59 pm
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