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गुजरात में उत्तरायण पर्व के दौरान इमरजेंसी मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की आशंका व्यक्त की गई है। 108-इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज (ईएमएस) के विश्लेषण के अनुसार सामान्य दिनों की तुलना में इस बार 14 जनवरी को लगभग 5991 मामले (35.42 वृद्धि) और 15 जनवरी को 5716 मामले (29.20 फीसदी) दर्ज हो सकते हैं। सामान्य दिनों का औसत 4424 मामलों का है। पिछले वर्ष इमरजेंसी सेवा ने 14 जनवरी को 4948 लोगों को आपात स्थिति में अस्पतालों तक पहुंचाया।ईएमएस के अनुसार पिछले वर्षों के ट्रेंड के आधार पर इस बार वाहन दुर्घटनाओं, गैर-वाहन ट्रॉमा, ऊंचाई से गिरने, झगड़े और क्रश इंजरी जैसी घटनाओं में सबसे अधिक वृद्धि का अनुमान है।
सामान्य दिनों में औसतन 581 वाहन दुर्घटनाएं दर्ज होती हैं, जबकि 14 जनवरी को यह संख्या 1329 तक बढ़ सकती है जो लगभग 128 फीसदी अधिक है। इसी तरह गैर-वाहन ट्रॉमा सामान्य 484 मामलों से बढ़कर 1350 तक पहुंच सकती है यह लगभग 179 फीसदी वृद्धि को दर्शाता है।
अहमदाबाद में सामान्य दिनों में इमरजेंसी के 832 मामलों की तुलना में 14 जनवरी को 1202 और 15 जनवरी को 1179 मामले दर्ज हो सकते हैं। वडोदरा में सामान्य दिनों में 244 से बढ़कर पहली दिन 377 और दूसरे दिन 424 मामले हो सकते हैं। सूरत में 426 से बढ़कर क्रमशः 554 और 540 मामले, राजकोट में 239 से बढ़कर 334 और 276 मामले तथा भावनगर में 133 से बढ़कर 189 और 172 इमरजेंसी मामले दर्ज हो सकते हैं।1481 रोड एम्बुलेंस, दो बोट व एक एयर एम्बुलेंस भी तैनात
इएमएस ने इस बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए 1481 रोड एम्बुलेंस, 2 बोट एम्बुलेंस और 1 एयर एम्बुलेंस की तैनाती की है। उच्च जोखिम वाले जिलों में डायनेमिक डिप्लॉयमेंट, अस्पतालों के साथ समन्वय और कॉल वॉल्यूम संभालने के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित तरीके से उत्सव मनाएं।
Published on:
09 Jan 2026 10:49 pm
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