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आंखों से पानी आने को हल्के में न लें, नाक व साइनस में जमा हो सकती है फफूंद

Ahmedabad: आंखों से लगातार पानी आना और कम दिखाई देना सामान्य समझा जाता है, लेकिन अहमदाबाद के सोला सिविल अस्पताल में सामने आए एक मामले ने यह साबित किया है कि ऐसे लक्षणों को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। नाक, साइनस और दिमाग तक में फफूंद जमने से गंभीर संक्रमण (फंगस) हो […]

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ENT News Ahmedabad

file photo

Ahmedabad: आंखों से लगातार पानी आना और कम दिखाई देना सामान्य समझा जाता है, लेकिन अहमदाबाद के सोला सिविल अस्पताल में सामने आए एक मामले ने यह साबित किया है कि ऐसे लक्षणों को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। नाक, साइनस और दिमाग तक में फफूंद जमने से गंभीर संक्रमण (फंगस) हो सकता है। अहमदाबाद में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसमें ऑपरेशन करना पड़ा।

सोला सिविल अस्पताल के कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विभागाध्यक्ष डॉ. नीना भालोडिया ने बताया कि हाल ही में एक 12 वर्षीय बालिका ओपीडी में आई, जिसे कम दिखाई देने की समस्या के साथ लगातार आंख से पानी भी बह रहा था। जांच के दौरान दूरबीन और सीटी स्कैन से पुष्टि हुई कि बालिका की नाक, साइनस, आंख और दिमाग के कुछ हिस्सों में फफूंद जमा हो गई थी।

उन्होंने बताया कि नाक के भीतर यह फफूंद बाहर से मस्से जैसी दिख रही थी। ऐसे में उसे भर्ती किया गया। दूसरे दिन दूरबीन की मदद से बिना किसी चीरा लगाए ऑपरेशन किया गया। इस प्रक्रिया में नाक, साइनस, आंख और दिमाग के प्रभावित हिस्सों से फफूंद को निकाला गया। इसके बाद दवाइयों से उपचार शुरू किया गया। अब उसकी स्थिति ठीक है।

कुछ लोगों में एलर्जिक रिएक्शन

डॉ. भालोडिया ने बताया कि सामान्य व्यक्तियों में शरीर इस तरह के फफूंद के खिलाफ एंटीबॉडी पैदा करता है। लेकिन जिन लोगों में एलर्जिक रिएक्शन होता है, उनमें नाक, आंख और दिमाग के हिस्सों में विशेष परत जम जाती है। इससे मरीज को कम दिखाई देना, डबल दिखाई देना, आंखों से पानी आने जैसी शिकायतें होती हैं।उनका कहना है कि समय रहते उपचार की जरूरत है। इस तरह की स्थिति में कभी-कभी यह फफूंद गंभीर भी हो सकता है।एस्परजिलस जैसे फंगस का भी सामना करना पड़ सकता है। आंखों से पानी आने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से गंभीर फंगस संक्रमण से बचा जा सकता है।