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एससी, एसटी पर अत्याचार के मामलों को लेकर कांग्रेस ने साधा निशाना

Ahmedabad: गुजरात में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोगों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लोकसभा में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों के तहत पिछले पांच वर्षों में राज्य में दलितों के साथ अत्याचार के 13,629 और आदिवासियों के साथ अत्याचार होने के 3,553 मामले दर्ज हुए हैं। गुजरात प्रदेश […]

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Gujarat pradesh Congress

File photo

Ahmedabad: गुजरात में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोगों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

लोकसभा में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों के तहत पिछले पांच वर्षों में राज्य में दलितों के साथ अत्याचार के 13,629 और आदिवासियों के साथ अत्याचार होने के 3,553 मामले दर्ज हुए हैं।

गुजरात प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. हीरेन बैंकर ने इन आंकड़ों के आधार पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।प्रवक्ता के अनुसार गुजरात में एससी और एसटी लोगों को राज्य सरकार उनके संवैधानिक हक और सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में दलित-आदिवासी समाज भय के साए में जी रहा है।

लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, अनुसूचित जाति के लोगों के साथ अत्याचार के नए दर्ज मामलों की संख्या वर्ष 2019 में 1416 थी, जो वर्ष 2020 में 1326, वर्ष 2021 में 1201, वर्ष 2022 में 1279 और वर्ष 2023 में 1373 रही। इसी तरह अनुसूचित जनजाति के साथ अत्याचार के मामलों की संख्या वर्ष 2019 में 321, वर्ष 2020 में 291, वर्ष 2021 में 341, वर्ष 2022 में 330 और वर्ष 2023 में 307 रही।

लंबित मामलों की तत्काल हो सुनवाई

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आंकड़े केवल दर्ज मामलों के हैं, जबकि डर और दबाव के कारण भी अनेक लोग भयभीत हैं। उन्होंने मांग की है कि लंबित मामलों की फास्टट्रैक सुनवाई हो और दलित-आदिवासी समाज की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।