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शादी से 24 घंटे पहले उठी अर्थी: दूल्हे संग दोस्त की चली गई जान, जहां बज रही थी शहनाई वहां मची चीख- पुकार

आगरा- इटावा स्टेट हाईवे पर दर्दनाक हादसे ने एक परिवार को जीवन भर के लिए दर्द दे दिया। इस दुर्घटना में शादी से 24 घंटे पहले दूल्हे और उसके साथी की दर्दनाक मौत हो गई। जिस घर से बारात निकालनी थी। वहां आज दूल्हे की अर्थी उठने से पूरा गांव रो पड़ा।

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आगरा

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Mahendra Tiwari

Feb 16, 2026

Accident

सांकेतिक फोटो सोर्स पत्रिका

आगरा-इटावा स्टेट हाईवे पर रविवार देर रात एक तेज रफ्तार कार ने दो युवकों की जिंदगी छीन ली। हादसे में 21 वर्षीय जितेन्द्र, जिसकी अगले ही दिन लग्न की रस्म थी। और उसके 16 वर्षीय साथी सचिन की मौत हो गई। शादी की तैयारी के बीच एक झटके में सारी खुशियां मातम में बदल गई।

रविवार देर रात बाह क्षेत्र में नरहौली और जरार के बीच स्थित एक ढाबे के पास यह दर्दनाक हादसा हुआ। आम का पुरा गांव का रहने वाला जितेन्द्र अपने छोटे दोस्त सचिन के साथ बाइक से जरार की ओर जा रहा था। तभी पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक उछलकर सड़क पर दूर तक घिसटते चले गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई।

हादसे के बाद कर चालक वाहन समेत फरार हो गया, जिस घर में बज रही थी शहनाई वहां पसरा सन्नाटा

सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और ग्रामीणों की मदद से दोनों को बाह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया गया। लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद कार चालक वाहन समेत फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। इस हादसे ने दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। जितेन्द्र की 17 फरवरी को लग्न की रस्म होनी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। कार्ड बंट चुके थे। रिश्तेदार आने लगे थे। पिता शेर सिंह, जो राजमिस्त्री का काम करते हैं। बड़े बेटे की शादी को लेकर बेहद खुश थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जिस घर में शहनाई बज रही थी। वहां अब सन्नाटा पसरा है।

शादी का कार्ड बांटकर वापस लौटते समय हुआ हादसा

दूसरी ओर, सचिन पांच भाइयों में सबसे छोटा था। वह जामनगर में हलवाई का काम करता था। परिवार की आर्थिक मदद करता था। उसके पिता हरगोविंद मेहनत मजदूरी कर घर चलाते हैं। सचिन के भाई ने ही जितेन्द्र का रिश्ता तय कराने में मदद की थी। रविवार को जितेन्द्र शादी का कार्ड देने भाऊ पुरा आया था। दोनों साथ निकले और मौत ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। एक पल में दो घरों के सपने टूट गए। शादी की खुशियां चंद मिनटों में मातम में बदल गईं। गांव में हर आंख नम है और हर जुबान पर यही सवाल—आखिर इन दो मासूम जिंदगियों का कसूर क्या था?