
नतीजों को लेकर भड़की जमात-ए-इस्लामी पार्टी (Photo-X)
Bangladesh elections: आवामी लीग नेता शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट के करीब 1.5 साल बाद बांग्लादेश में चुनाव हुए। इस चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP बहुमत के साथ जीत गई। BNP मुखिया तारिक रहमान की अपील के बाद कार्यकर्ताओं व नेताओं ने किसी तरह का जश्न नहीं बनाया। जुमे की नमाज के बाद वह अपने घरों की ओर लौट गए। बांग्लादेश में BNP की जीत के बाद ज्यादातर हिस्सों में शांति व्यवस्था कायम रही। वहीं, इस रिजल्ट को लेकर जमात ए इस्लामी ने बड़ा आरोप लगाया है। जमात ने कहा कि यह चुनाव भी शेख हसीना के कार्यकाल की तरह हुआ। कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी के नेता ने कहा कि हम चुनाव जीत रहे थे, पर रात 11 बजे रिजल्ट बदल दिया गया।
बांग्लादेश के चुनाव बारीक नजर रखने वाले विशेषज्ञों ने एक्स पर लिखा कि BNP की जीत के पीछे हिंदू वोटर और शेख हसीना की पार्टी के सपोर्टर व महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि आवामी लीग पर बैन लगने के बाद ये तबका BNP की ओर मुड़ गया। इससे BNP को सीधा फायदा मिला।
वहीं, सामरिक मामलों के जानकार ब्रह्म चेलानी ने बांग्लादेश चुनाव को लेकर टिप्पण की है। चेलानी ने लिखा, सालों से, BNP और जमात-ए-इस्लामी ने अवामी लीग पर चुनावों में धांधली का आरोप लगाया। अब गैर-कानूनी अवामी लीग चली गई है, तो आरोप लगाने वाले एक-दूसरे पर हमलावर हो गए हैं।
जमात जो कभी BNP का जरूरी साथी था, और अवामी लीग के दबदबे के खिलाफ सड़कों पर ताकत और चुनावी मदद देता था। अब BNP पर आरोप लगा रहा है कि उसने हाल के चुनावों में धांधली करने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया है। नतीजों को खारिज करके, जमात खुद को 2024 के हिंसक विद्रोह का असली रखवाला बता रहा है, और तर्क दे रहा है कि BNP ने बस एक तरह की तानाशाही को दूसरे से बदल दिया है। यह दरार साफ दिख रही है। बांग्लादेश में स्थिरता वापस लाने के BNP के वादे की परीक्षा लगभग तुरंत ही विपक्ष ले सकता है, जो मानता है कि उसे उसी “क्रांति” से धोखा मिला है जिसे लाने में उसने मदद की थी।
Published on:
14 Feb 2026 07:01 am
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