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ईरान में प्रदर्शन के दौरान खामेनेई सरकार ने ली 36000 लोगों की जान, सिर्फ दो दिनों में की इतनी हत्या

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हजारों मौतों का दावा किया गया है। IRGC पर गंभीर आरोप हैं। सुप्रीम लीडर की सुरक्षा बढ़ाई गई है और अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है।

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भारत

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Himadri Joshi

Jan 26, 2026

Iran's Supreme Leader Ali Khamenei

ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (फोटो- एएनआई)

ईरान में जनवरी की शुरुआत से सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने देश को गहरे संकट में डाल दिया है। महंगाई, राजनीतिक दमन और नागरिक स्वतंत्रताओं को लेकर असंतोष लंबे समय से सुलग रहा था। अब सामने आए आंकड़ों ने हालात की गंभीरता को और उजागर कर दिया है। विपक्ष समर्थित ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हजारों लोगों की मारे जाने का दावा किया है।

8 और 9 जनवरी को हुई 36000 हत्या

रिपोर्ट के मुताबिक 8 और 9 जनवरी को हुए दमन में ईरानी शासन ने व्यापक बल प्रयोग किया। दावा किया गया कि इन दो दिनों में 36 हजार से अधिक लोगों की जान गई। यह आंकड़ा फील्ड रिपोर्ट्स, मेडिकल स्टाफ, प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवारों की गवाही पर आधारित बताया गया है। सड़कों पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की गोलीबारी और गिरफ्तारी ने हालात को और भड़काया। इसे हाल के वर्षों का सबसे बड़ा और खूनी नागरिक आंदोलन कहा जा रहा है।

IRGC की भूमिका और अलग-अलग आंकड़े

ईरान इंटरनेशनल ने आरोप लगाया कि अधिकतर हत्याएं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और उससे जुड़ी बसीज मिलिशिया द्वारा की गईं। रिपोर्ट में इराक और सीरिया से लाए गए प्रॉक्सी लड़ाकों के इस्तेमाल का भी जिक्र है। ईरान के आंतरिक मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार प्रांतीय सुरक्षा परिषद की एक रिपोर्ट में मरने वालों की संख्या 30 हजार से अधिक बताई गई। वहीं अन्य रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा 27,500 से 36,500 के बीच बताया गया है।

खामेनेई की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को तेहरान में एक विशेष अंडरग्राउंड शेल्टर में शिफ्ट किया गया है। इसे संभावित विदेशी हमले और आंतरिक खतरे के आकलन से जोड़ा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया तेज है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने ईरानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। एयर फ्रांस, केएलएम और लुफ्थांसा जैसी एयरलाइंस ने इजरायल, ईरान और आसपास के क्षेत्रों के लिए उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं।