
ईरान में तख्तापलट, रूस के लिए एक बड़ा झटका! (Photo-IANS)
Russia-Iran Alliance: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन रफ्तार पकड़ रहे हैं, साथ ही और भी ज्यादा हिंसक होते जा रहे हैं। जैसे-जैसे प्रदर्शनकारी ईरान की सड़कों पर उतर रहे हैं, क्षेत्र और दुनिया भर के नेताओं को यह संभावनाएं नजर आने लगी हैं कि इस्लामी गणराज्य को उखाड़ फेंका जा सकता है। हालांकि यह एक खतरनाक कदम हो सकता है, जो वैश्विक भू-राजनीति और ऊर्जा बाजारों को बदल देगा। अगर ईरान में हो रहा विद्रोह इस्लामी गणराज्य को उखाड़ फेंकने में सफल होता है, तो इससे वैश्विक भू-राजनीति और ऊर्जा बाजारों में उथल-पुथल मच जाएगी और व्यापक अराजकता का खतरा पैदा हो जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि अगर ईरान में यह कट्टरपंथी सरकार का तख्तापलट होता है, तो यह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए एक बड़ा झटका होगा। इससे पहले रूस अपने दो सहयोगी खो चुका है: हाल ही में मादुरो का पतन और दूसरा एक साल पहले सीरिया के बशर अल-असद का तख्तापलट।
ईरान में तख्तापलट करने की कोशिश से बहुत ही भयावह हालात पैदा हो सकते हैं। ईरान में इस्लामिक गार्ड इसको रोकने की पूरी कोशिश करेंगे, जिससे हालत और भी खराब हो सकते हैं। इस मामले पर जानकारी देते हुए एक पूर्व CIA अधिकारी ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि ईरान में इस्लामिक शासन का पतन सुखद होगा। अल्पकाल में, मैं देश में कुछ विभाजन की कल्पना कर सकता हूं क्योंकि जातीय अल्पसंख्यक समूह और कुछ प्रांत तेहरान से स्व-शासन की मांग करेंगे। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) शासन को बचाने के लिए जोरदार लड़ाई लड़ेगा, इसलिए मुझे लगता है कि बड़े पैमाने पर हिंसा की प्रबल संभावना होगी।"
अगर ईरान में तख्तापलट होता है, तो इसका व्यापक असर पड़ेगा। कई सहयोगी देशों को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। हाल ही में एक वरिष्ठ यूरोपीय अधिकारी ने कहा कि वह ईरान की जमीनी स्थिति को लेकर यूरोपीय सरकारों के साथ संपर्क में है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान में मौजूद सरकार गिर जाती है, तो यह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए एक बड़ा झटका होगा क्योंकि इससे पहले रूस अपने सहयोगी वेनेजुएला के मादुरो को और एक साल पहले सीरिया के बशर अल-असद को खो चुका है।
अमेरिका द्वारा ईरान को बार-बार धमकाने और सैन्य कार्रवाई करने की चेतावनी देने से ईरान भड़क रहा है और ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला होता है, तो इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी संपत्तियां उनका प्राथमिक लक्ष्य होंगी। ईरान अमेरिका पर जवाबी कार्रवाई करने के लिए अमेरिका के गहरे व्यापारिक संबंध वाले क्षेत्र के साथ-साथ अमेरिका के सैन्य अड्डे, जहां हजारों सैनिक तैनात हैं, उन क्षेत्रों को निशाना बनाएगा। इसके अतिरिक्त, ईरान इजरायल पर भी हमला कर सकता है।
Published on:
13 Jan 2026 03:55 pm
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