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बांग्लादेश में वोटिंग से पहले हिंदू युवक की लाश, हाथ-पैर बंधे थे, मुंह से निकल रहा था खून

Bangladesh Election: बांग्लादेश में चुनाव के दिन एक बार फिर हिंदू युवक की लाश मिली है। चंपारा इलाके में चाय बगान के पास हिंदू युवक की लाश मिली।

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Karnatak crime

क्राइम (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Bangladesh Election: बांग्लादेश में चुनाव के दिन एक बार फिर हिंदू युवक की लाश मिली है। चंपारा इलाके में चाय बगान के पास हिंदू युवक की लाश मिली। मृतक युवक की पहचान रतन साहूकार के रूप में हुई। उसकी शरीर पर चोट के निशान थे। लाश खून से लथपथ थी। उसके दोनों पैर भी बंधे हुए थे। मुंह से खून भी निकल रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

इससे पहले मयमनसिंह जिले के त्रिशाल में अज्ञात लोगों ने 62 साल के हिंदू व्यापारी को मौत के घाट उतार दिया था। मृतक की पहचान साउथकंडा गांव के निवासी सुसेन चंद्र सरकार के रूप में हुई थी। हमलावरों ने सरकार पर धारदार हथियार से हमला करने के बाद उन्हें दुकान के अंदर छोड़ दिया। साथ ही, शटर बंद कर दिए। जब परिजनों ने दुकान की शटर खोली तो उन्हें लाश मिली।

मोनी चक्रवर्ती को भी अज्ञात हमलावरों ने मार डाला

5 जनवरी को 2026 की रात 10 बजे चोरसिंदूर बाजार में किराना दुकान चलाने वाले मोनी चक्रवर्ती पर अज्ञात बदमाशों ने अचानक धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में मोनी चक्रवर्ती गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इससे पहले राणा प्रताप बैरागी की हो चुकी हत्या

मोनी की हत्या से पहले बांग्लादेश में पत्रकार को भी मौत के घाट उतारा जा चुका है। पत्रकार राणा प्रताप बैरागी को दिनदहाड़े गोली मार दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे। उन्हें उनकी बर्फ फैक्ट्री से बाहर बुलाकर पास की एक गली में ले गए। वहां कहासुनी के बाद सिर में कई गोलियां मारी गईं।

दीपू को ईशनिंदा का आरोप लगाकर भीड़ ने मार डाला

बांग्लादेश में अब तक 6 हिंदू समुदाय के लोगों की हत्या हो चुकी है। मरने वालों में राणा प्रताप, दीपू दास, अमृत मंडल, बज्रेंद विश्वास, खोकोन दास शामिल हैं। दीपू दास की हत्या कथित ईशनिंदा के आरोप में की गई थी, जबकि कारोबारी खोकोन दास पर भीड़ ने हमला कर उन्हें पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था।