
बांग्लादेश में आम चुनाव। (फोटो: पत्रिका)
Bangladesh polls 2026: बांग्लादेश में आज सुबह से ही लोकतंत्र का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। शेख हसीना की सरकार गिरने और अंतरिम सरकार के गठन के करीब डेढ़ साल बाद, आज (12 फरवरी 2026) देश में आम चुनाव (Bangladesh Election 2026) के लिए वोट डाले गए। ढाका (Dhaka Voting Live)से लेकर चटगांव तक, मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें नजर आईं। 'मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह चुनाव बांग्लादेश के इतिहास का सबसे अहम मोड़ साबित हो सकता है। सुबह 7:30 बजे शुरू हुए मतदान में युवाओं और महिलाओं की भारी भागीदारी देखी गई है। खास बात यह है कि इस बार चुनाव मैदान से अवामी लीग गायब है, जिससे मुकाबला एकतरफा नहीं, बल्कि त्रिकोणीय होता हुआ दिख रहा है। मुख्य लड़ाई खालिदा जिया की पार्टी 'बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी' और 'जमात-ए-इस्लामी' (BNP vs Jamaat) गठबंधन के बीच मानी जा रही है। वहीं, छात्र आंदोलन से निकली नई पार्टियां भी 'किंगमेकर' की भूमिका निभा सकती हैं।
बांग्लादेशी टीवी चैनल्स के विजुअल्स दिखा रहे हैं कि संवेदनशील इलाकों में सेना ने मोर्चा संभाल रखा है। ढाका के कुछ बूथों पर हल्की झड़प की खबरें आई हैं, लेकिन कुल मिलाकर माहौल शांतिपूर्ण है। चुनाव आयोग ने दावा किया है कि दोपहर 1 बजे तक करीब 40% मतदान हो चुका है। वोटर इस बार सिर्फ सांसद ही नहीं चुन रहे, बल्कि देश के नए संविधान (चार्टर) पर भी अपनी राय दे रहे हैं।
इस चुनाव पर भारत की भी पैनी नज़र है। ढाका में बन रही नई सरकार का सीधा असर भारत की सुरक्षा और कूटनीति पर पड़ेगा। अगर BNP या जमात सत्ता में आती है, तो भारत-बांग्लादेश रिश्तों की दिशा बदल सकती है। फिलहाल, ढाका की सड़कों पर उत्साह है, लेकिन एक डर भी है कि नतीजों के बाद हिंसा न भड़क जाए। शाम 4:30 बजे वोटिंग खत्म होगी और कल तक यह साफ हो जाएगा कि 'पद्मा' के किनारे अब किसका राज होगा।
तारिक रहमान (BNP कार्यवाहक अध्यक्ष): "आज बांग्लादेश की जनता डर के साये से बाहर निकलकर वोट कर रही है। यह जीत तानाशाही के खिलाफ लोकतंत्र की होगी।" अंतरिम सरकार के प्रवक्ता: "हमारी जिम्मेदारी निष्पक्ष चुनाव कराना था, और हम इसमें सफल रहे हैं। सेना को सख्त निर्देश हैं कि गड़बड़ी करने वालों को बख्शा न जाए।"
मतदान खत्म होते ही शाम से वोटों की गिनती शुरू हो गई। शुरुआती रुझान रात 8 बजे (स्थानीय समय) तक आने की उम्मीद है। अंतिम नतीजों की 13 फरवरी को घोषणा की जाएगी।
इस चुनाव में सबसे बड़ा फैक्टर 'फर्स्ट टाइम वोटर्स' हैं। जिन छात्रों ने 2024-25 में आंदोलन किया था, वे अब अपनी पसंद की सरकार चुनने के लिए कतारों में खड़े हैं। उनका मुद्दा स्पष्ट है-रोजगार और भ्रष्टाचार मुक्त बांग्लादेश। पुरानी पार्टियों के लिए इन युवाओं को लुभाना सबसे बड़ी चुनौती है।
Updated on:
12 Feb 2026 04:37 pm
Published on:
12 Feb 2026 01:57 pm
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