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ग्रीनलैंड पर नहीं मानी ट्रंप की बात तो भुगतना पड़ेगा टैरिफ, अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी दुनिया भर के देशों को धमकी 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड पर जो भी देश उनकी बात नहीं मानेंगे, उन्हें अमेरिकी टैरिफ का सामना करना होगा। पढ़ें पूरी खबर…

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Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo - IANS)

ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के शुरुआत से ही दुनिया भर की सरकारों के माथे पर शिकन ला रहे हैं। पहले उन्होंने दुनिया भारत, चीन, समेत कई देशों पर रेसिप्रॉकल टैरिफ लगाया। फिर रूस से तेल खरीदने वाले मुल्कों को टैरिफ की धमकी दी। अब वह कह रहे हैं कि अगर ग्रीनलैंड पर उनकी बात को नहीं मानी तो वह एक और बार टैरिफ बम फोड़ेंगे।

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने 16 जनवरी को व्हाइट हाउस में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा मिशन में निवेश को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अगर दुनिया भर के देश उनकी इस मांग का समर्थन नहीं करते कि अमेरिका को ग्रीनलैंड पर कंट्रोल करना चाहिए, तो वह उन देशों पर टैरिफ लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे मैंने यूरोपीय सहयोगियों को फार्मास्यूटिकल्स पर टैरिफ लगाने की धमकी दी, वैसा ही कुछ मैं ग्रीनलैंड के लिए भी कर सकता हूं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हमें ग्रीनलैंड की जरूरत है।

इससे पहले वह डेनमार्क को ग्रीनलैंड को अमेरिका को नहीं सौंपने पर भारी भरकम टैरिफ लगाने की धमकी दे चुके हैं। हालांकि, यह पहली बार है जब उन्होंने डेनमार्क से इतर दुनिया भर के देशों पर उनकी बात नहीं मानने पर टैरिफ की धमकी दी है।  

ग्रीनलैंड पर अमेरिका और डेनमार्क के बीच हुई बातचीत  

ट्रंप की ये टिप्पणियां डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्रियों के वाशिंगटन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मिलने के कुछ दिनों बाद आई हैं। यह अमेरिका द्वारा अपने नाटो सहयोगी से इस अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र को हासिल करने पर पहली औपचारिक बातचीत थी। मीटिंग के बाद, डेनिश विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने इसे "बुनियादी असहमति" पर खत्म होने वाला बताया, क्योंकि डेनमार्क का कहना है कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है।

यूरोपीय नेता क्या कहते हैं

यूरोपीय नेताओं ने जोर देकर कहा है कि इलाके से जुड़े मामलों पर फैसला करने का अधिकार सिर्फ डेनमार्क और ग्रीनलैंड का है। इधर, डेनमार्क ने इस हफ़्ते कहा कि वह सहयोगियों के साथ मिलकर ग्रीनलैंड में अपनी मिलिट्री मौजूदगी बढ़ा रहा है। 

टीवी पर आकर क्या बोलीं ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री 

अमेरिकी धमकियों को लेकर ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री ने कहा कि हमारे पास विभाग में भले ही हमारी संख्या कम है, फिर भी हम बहुत मेहनत कर रहे हैं। मैं आमतौर पर ये शब्द कहना पसंद नहीं करती, लेकिन मैं कहूंगी: हम बहुत मजबूत हैं। हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। वह इतना कहते हुए मीडिया से बातचीत के दौरान रोने भी लगीं।