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इन देशों की सेना में ‘कॉकरोच जासूस’ की तैनाती’, जानिए इसके होश उड़ा देने वाली खासियत

Cockroach Robot SPY: छोटे-छोटे कीड़े उन जगहों पर पहुंच सकते हैं, जहां बड़े ड्रोन या सैनिकों का जाना मुश्किल होता है।

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भारत

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Saurabh Mall

Feb 28, 2026

Cockroach Robot SPY

जर्मनी और नाटो देशों की सेना में 'कॉकरोच जासूस' की तैनाती (इमेज सोर्स: चैट GPT)

बर्लिन. आपके घर की दीवार पर चल रहा कॉकरोच एक जासूस हो सकता है। जर्मनी की एक रक्षा स्टार्टअप कंपनी ने दावा है कि ऐसे ही कीड़ों का अब सैन्य निगरानी में इस्तेमाल किया जा रहा है। स्वार्म बायोटैक्टिक्स ने कहा कि उसके बायोइलेक्ट्रॉनिक साइबर कीड़ों के झुंड ने फील्ड टेस्ट पास कर लिए हैं। अब इन्हें जर्मनी जैसे नाटो देशों की सेना में तैनात किया जा रहा है। कंपनी कॉकरोच पर छोटे इलेक्ट्रॉनिक बैकपैक लगाती है। इन बैकपैक में कैमरा, माइक्रोफोन और अन्य सेंसर लगे होते हैं। कीड़ों के एंटीना से जुड़े छोटे इलेक्ट्रोड उनको रास्ता पता लगाने में मदद करते हैं। एआई बेस्ड सॉफ्टवेयर पूरे झुंड की गतिविधियों को नियंत्रित और समन्वित करता है।

ड्रोन की जगह जा सकते हैं ये कीड़े

ये कीड़े अपनी चाल से चलते हैं, जबकि इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम कमांड देने और डेटा भेजने का काम करता है। यानी कीड़ा चलता खुद है, लेकिन उससे जुड़ी तकनीक उसके रास्ते और काम को नियंत्रित करती है। इस तरह ये छोटे-छोटे कीड़े उन जगहों पर पहुंच सकते हैं जहां बड़े ड्रोन या सैनिकों का जाना मुश्किल होता है।

एक साल में रिसर्च से तैनाती तक

कंपनी के सीईओ स्टेफन विल्हेम ने कहा कि यह तकनीक सिर्फ एक साल में कॉन्सेप्ट से वास्तविक तैनाती तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि प्रोग्राम किए जा सकने वाले साइबर कीड़ों के झुंड बनाए गए, उनका परीक्षण हुआ और अब उन्हें नाटो देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है।

क्या है इनकी खासियत?

  • ये दिखने में सामान्य कीड़े जैसे लगते हैं।
  • बेहद तंग जगहों में भी आसानी से पहुंच सकते हैं।
  • बड़े ड्रोन के मुकाबले यह मलबों, टूटी दीवारों, वेंटिलेशन सिस्टम से भी निकल सकते हैं।
  • इनकी प्राकृतिक बनावट के कारण शक भी नहीं होता।