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इन 7 महिलाओं की वजह से तारिक रहमान की हुई जीत! अब संसद में भी चलेगा सिक्का

Bangladesh Election Results 2026: बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में कुल 85 महिला उम्मीदवारों में से 7 ने जीत हासिल की। बीएनपी (BNP) की 6 महिलाएं संसद पहुंचीं, जबकि पूर्व बीएनपी नेता बैरिस्टर रुमिन फरहाना ने ब्राह्मणबरिया-2 से इंडिपेंडेंट के रूप में जीत दर्ज की।

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Bangladesh Election Results 2026

महिलाओं की वजह से तारिक रहमान की हुई जीत

Bangladesh Election Results 2026 Women Winners: बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के अनौपचारिक परिणामों में महिला उम्मीदवारों की भागीदारी और जीत ने ध्यान खींचा है। गुरुवार (12 फरवरी 2026) को हुए मतदान के बाद शुक्रवार को घोषित परिणामों के अनुसार, कुल 85 महिलाओं ने चुनाव लड़ा, लेकिन केवल 7 ने जीत हासिल की। बीएनपी, जो 212 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाने जा रही है, ने 6 महिला उम्मीदवारों को जीत दिलाई। यह पार्टी के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि 20 साल बाद सत्ता में वापसी हो रही है।

बीएनपी की विजयी महिला उम्मीदवारें हैं:

  • अफरोजा खान रिता (मानिकगंज-3)
  • इसरात सुल्ताना एलेन भुट्टो (झालोकाठी-2)
  • तहसीना रुश्दिर लूना (सिलहेट-2)
  • शमा ओबैद (फरीदपुर-2)
  • नयाब यूसुफ कमाल (फरीदपुर-3)
  • फरजाना शर्मिन पुतुल (नाटोर-1)
  • बैरिस्टर रुमिन फरहाना (ब्राह्मणबारिया-2)

ये सभी बीएनपी के चिन्ह 'धान की बाल' पर लड़ीं और जीतीं। खासतौर पर तहसीना रुश्दिर ने सिलहेट-2 में 79,321 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।

आरुमीन फरहाना ने निर्दलीय चुनाव जीतकर रचा इतिहास

सबसे चर्चित जीत बैरिस्टर रुमिन फरहाना की रही, जो पहले बीएनपी की कार्यकारी समिति सदस्य और महिला आरक्षित सीट से सांसद रह चुकी हैं। पार्टी से निष्कासित होने के बाद उन्होंने ब्राह्मणबरिया-2 से इंडिपेंडेंट (बत्तख चिन्ह) पर चुनाव लड़ा और 1,18,547 वोट पाकर जीत हासिल की। उन्होंने जमीअत उलेमा-ए-इस्लाम के जुनैद अल हबीब (80,434 वोट) को हराया। रुमिन ने कहा कि इंडिपेंडेंट जीत आसान नहीं थी, लेकिन जनता का समर्थन मिला।

जमात की करारी हार

यह चुनाव शेख हसीना की अवामी लीग के बहिष्कार और 2024 के छात्र विद्रोह के बाद हुआ। तारिक रहमान (खालिदा जिया के बेटे) के नेतृत्व में बीएनपी ने जमात-ए-इस्लामी गठबंधन (77 सीटें) को पीछे छोड़ दिया। कुल 350 सीटों (300 प्रत्यक्ष + 50 महिला आरक्षित) वाली संसद में महिला प्रतिनिधित्व कम रहा, लेकिन बीएनपी की जीत से महिलाओं की भूमिका बढ़ने की उम्मीद है।