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Ramadan: अलविदा जुमा से पहले 8 मुस्लिम देशों की इजराइल को दो टूक, तुरंत खोलें इस मस्जिद के दरवाजे

Israel Warning: रमजान के पवित्र महीने में इजराइल की अल अक्सा मस्जिद बंद किए जाने पर सऊदी अरब और पाकिस्तान समेत 8 मुस्लिम देशों ने कड़ा ऐतराज जताया है। अलविदा जुमा से ठीक पहले इन देशों ने चेतावनी देते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है और तुरंत प्रतिबंध हटाने की मांग की है।

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भारत

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MI Zahir

Mar 12, 2026

Benjamin Netanyahu

इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू। फोटो- (The Washington Post)

Ramadan prayers : रमजान के पवित्र महीने में मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। इजराइल द्वारा पवित्र अल अक्सा मस्जिद (Al Aqsa Mosque) के दरवाजे नमाजियों के लिए बंद (Mosque Closure) कर दिए जाने से मुस्लिम दुनिया में भारी आक्रोश है। सऊदी अरब और पाकिस्तान सहित 8 प्रमुख मुस्लिम देशों ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इजराइल को एक सख्त चेतावनी जारी की है। इन देशों ने मांग की है कि बिना किसी देरी के मस्जिद के दरवाजों को नमाजियों के लिए खोल दिया जाए(Ramadan prayers) ।रमजान का महीना अपने आखिरी दौर में है और दुनिया भर के मुसलमान रमजान के आखिरी शुक्रवार 'अलविदा जुमा' (Alvida Jumma) की नमाज की तैयारियों में जुटे हैं। अल अक्सा मस्जिद इस्लाम के तीसरे सबसे पवित्र स्थलों में से एक मानी जाती है, जहां रमजान के दौरान लाखों की तादाद में लोग इबादत के लिए पहुंचते हैं। ऐन इसी वक्त पर इजराइली प्रशासन द्वारा मस्जिद को बंद करना और नमाजियों को प्रवेश करने से रोकना भयंकर गुस्से का कारण बन गया है।

अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन (Middle East Tension)

सऊदी अरब के नेतृत्व में इन 8 मुस्लिम देशों ने इजराइल की इस हरकत को सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन करार दिया है। उनका तर्क है कि किसी भी समुदाय को उनके धार्मिक स्थलों पर इबादत करने से रोकना मानवाधिकारों के खिलाफ है। इन देशों के संयुक्त बयान में स्पष्ट कहा गया है कि इजराइल को धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए और बलपूर्वक लगाई गई इन पाबंदियों को तुरंत हटाना चाहिए।

मुस्लिम देशों की एकजुटता : आवाज बुलंद की (Muslim Countries)

इस मुद्दे पर पाकिस्तान, सऊदी अरब और अन्य 6 देशों ने एकजुट होकर वैश्विक मंच पर भी अपनी आवाज बुलंद की है। इन देशों का कहना है कि पवित्र महीने में ऐसी दमनात्मक कार्रवाई न केवल फिलिस्तीनियों की भावनाओं को आहत करती है, बल्कि पूरे विश्व के मुसलमानों के लिए यह एक गंभीर उकसावा है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील की है ताकि इलाके में शांति व्यवस्था कायम रखी जा सके।

अब आगे आगे क्या होगा ? (Al Aqsa Mosque)

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इजराइल अंतरराष्ट्रीय और मुस्लिम देशों के इस भारी दबाव के आगे झुकते हुए अलविदा जुमा की नमाज से पहले अल अक्सा परिसर के दरवाजे खोलेगा? यदि ऐसा नहीं होता है, तो यरुशलम (Jerusalem) सहित पूरे क्षेत्र में टकराव और हिंसक झड़पों की आशंका काफी बढ़ सकती है।

इस घटनाक्रम पर मानवाधिकार संगठनों और इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इजराइल की इस कार्रवाई को धार्मिक आस्था पर सीधा प्रहार बताते हुए तुरंत मस्जिद खोलने की मांग की है।

अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस चेतावनी के बाद इजराइल जुमे की नमाज (अलविदा जुमा) के लिए पाबंदियों में ढील देता है या नहीं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र (UN) का अगला कदम भी बेहद अहम होगा।

इस तनाव को गाजा और फिलिस्तीन में चल रहे मौजूदा संघर्ष से भी जोड़कर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर ऐसी पाबंदियां अक्सर मध्य पूर्व में बड़े राजनीतिक और सैन्य टकराव का रूप ले लेती हैं, जिससे हालात बेकाबू हो सकते हैं।