भीलवाड़ा। शहर एवं जिले में विद्युतिकरण के ढा़ंचे को और मजबूत किया जाएगा। प्रमुख बाजार, व्यस्ततम बाजारों से बिजली के तारों को हटाए जाने के अभियान को ओर गति दी जाएगी। नए जीएसस लगाने के कार्य को गति दी जाएगी। सोलर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए आम उपभोक्ताओं को सरकार की तरफ अनुदान भी दिया जा रहा है। अजमेर विद्युत वितरण निगम भीलवाड़ा वृत्त के नव नियुक्त अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश महला ने राजस्थान पत्रिका से यह बात कही। उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश ।
सवाल: बिजली तंत्र के सुद्ढ़ीकरण एवं आधिनिकीकरण की योजना ?
जवाब: जिले में विद्युत क्षमता बढ़ाने एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 33 केवी जीएसएस के दो और स्टेशन की स्थापना का कार्य अंतिम चरण में है। जबकि दो जीएसएस की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इसी प्रकार उच्च क्षमता के 18 जीएसएस में आठ का कार्य पूर्ण कर लिया है। 11 केवी में फीडरों को एक के बजाए दो-दो किए जा रहे हैं। इससे वॉल्टेज सही मिलेगा और फाॅल्ट की समस्या कम हो जाएगी
सवाल: विद्युत जालों को कम करने की क्या योजना बताए ?
जवाब: बिजली के तार टूटने, तारों का जाल लटके होने की समस्या को दूर करने के लिए जिले के शहरी क्षेत्र में 90 किलोमीटर क्षेत्र में भूमिगत विद्युत लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया है। 25 किलोमीटर के क्षेत्र में पूर्ण कर लिया गया है। कॉलोनियों में भी भूमिगत लाइन बिछाई जा रही है।
सवाल: कृषि क्षेत्र में कितनी योजना है ?
जवाब: कृषि क्षेत्र को पर्याप्त एवं समय पर बिजली मिले इसके लिए भी विभिन्न योजनाओं पर काम हो रहा है। कृषि कनेक्शन नियमानुसार दिया जा रहा है।
सवाल: शहर में बिजली आपूर्ति पर किस प्रकार का नियंत्रण है ?
जवाब: उपभोक्ताओं की बिजली की समस्याओं के समाधान के लिए शहर में निगम की टीमें हैं। सिक्योर मीटर भी मुस्तैदी से काम कर रहा है। शहरी क्षेत्र में सर्विस लाइन होने पर 24 घंटे में कनेक्शन दिया जा रहा है।
सवाल: सोलर ऊर्जा में सब्सिडी मिलती है या नहीं ?
जवाब:केन्द्र सरकार की पीएम सूर्या योजना में सरकार तीन किलो वाट तक 78 हजार रुपए की सब्सिडी दे रही है। राज्य सरकार की तरफ से 17 हजार की अलग से सब्सिडी देय है। कुल 95 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। जिले में अभी तक 4350 प्लांट स्थापित हुए हैं।
सवाल: रोजाना कितनी बिजली की खपत होती है ?
जवाब: सर्द मौसम में घरेलू क्षेत्र में बिजली की खपत कम हुई है, लेकिन कृषि क्षेत्र में अभी फसलें होने से मांग बढ़ने से वहां खपत बढ़ी है। औद्योगिक क्षेत्र में मांग वर्ष पर्यंत एक समान रहती है। जिले में अभी रोजाना की बिजली की खपत एक करोड़ लाख यूनिट है।
सवाल: जिले में बिजली कनेक्शन की िस्थति कैसी है ?
जवाब: जिले में कुल घरेलू उपभोक्ता पांच लाख 22 हजार 550 है। इनमें अघरेलू कनेक्शन 44 हजार 791 है। कृषि में 94 हजार 453, उदयोग में सात हजार 239, जलदाय विभाग के 1654 व अन्य दो हजार 50 है। कुल कनेक्शन छह लाख 73 हजार 337 कनेक्शन है।